अगले साल की शुरुआत में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रचार में जुट गई है। इसी कड़ी में सपा प्रमुख लगातार कोई न कोई घोषणा कर रहे हैं। अब अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि 2027 में अगर उनकी पार्टी जीतकर सरकार बनाती है तो वो राज्य के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल करेंगे।

लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में पार्टी के सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमीनों पर कब्जा करने और अवैध गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, ”2027 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी।”

उन्होंने कहा, ”2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी और इसके लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंधन भी किया जाएगा।”

‘सरकार ने मदरसों के साथ भेदभाव किया’

अखिलेश यादव ने कहा कि इसे 2022 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में शामिल किया गया था और आगामी घोषणापत्र में भी इसे शामिल किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर नफरत फैलाने, समाज में खाई पैदा करने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मदरसों के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने कहा, ”सपा की सरकार बनने पर मदरसों से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, आधुनिक मदरसे बनाए जाएंगे, शिक्षकों का वेतन बहाल किया जाएगा और बकाया वेतन का भी भुगतान किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। 

उत्तर प्रदेश विधानसभा परिषद के लिए सपा प्रत्याशी भी घोषित किए

इस दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट पर होने वाले चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशियों की भी घोषणा की। उन्होंने मिर्जापुर-बनारस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लाल बिहारी यादव, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सुशील कुमार, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता, गोरखपुर-फैजाबाद से कमलेश यादव, मुरादाबाद-बरेली से दानिश अख्तर और मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. नितिन तोमर को उम्मीदवार बनाया।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, आगरा से शशांक यादव, मेरठ से परमिंदर भाटी और लखनऊ खंड से कांति सिंह को प्रत्याशी घोषित किया गया। यादव ने सभी प्रत्याशियों के लिए सहयोग की अपील करते हुए उनकी जीत का दावा किया।

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अखिलेश ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिन लोगों ने 2019 में वोट दिया था, उन्हें 2022 में वोट देने का मौका नहीं दिया गया और इसीलिए हम चुनाव हार गए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।