उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार बनने पर प्रदेश की महिलाओं को हर साल चालीस हजार रुपये की मदद की जाएगी। उन्होंने इंटर पास करने वाली छात्रों को भी लैपटॉप देने का वादा किया।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में बंद किए गए 26 हजार प्राइमरी स्कूलों को फिर से खोला जाएगा। अखिलेश यादव ने यह भी वादा किया कि सपा सरकार बनने पर न्यूट्रीशन मिशन चलाया जाएगा और स्कूली बच्चों को साइकिलें बांटी जाएंगी।

‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ शुरू की जाएगी

अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं के लिए ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत हर साल महिलाओं को चालीस हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस धनराशि में इजाफा भी किया जाएगा।

योजना के नाम के बारे में यादव ने कहा कि ‘स्त्री’ शब्द जानबूझकर चुना गया है क्योंकि यह किसी विशेष आयु वर्ग तक सीमित किए बिना लैंगिक प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, ”जबकि लड़की, युवती या महिला जैसे शब्द एक आयु वर्ग को दर्शाते हैं, ‘स्त्री’ शब्द एक लिंग का प्रतिनिधित्व करता है और इसलिए यह योजना हर उम्र की महिलाओं पर लागू हो सकती है।”

उन्होंने कहा कि ‘सम्मान’ को ‘समृद्धि’ से पहले रखा गया है क्योंकि सम्मान हर महिला के लिए सबसे महत्वपूर्ण गारंटी होना चाहिए, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। डिंपल यादव ने कहा, ”वह सिर्फ इसलिए सम्मान की हकदार है क्योंकि वह एक महिला है। सामाजिक सशक्तीकरण और अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए समृद्धि से पहले भी सम्मान की आवश्यकता होती है।”

डिंपल यादव ने कहा कि योजना को चरणों में लागू किया जाएगा और इसके कामकाज तथा सफलता का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा, और परिणाम के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ”हम मोबाइल फोन, लैपटॉप, वित्तीय सहायता, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सम्मान और समृद्धि की दिशा में एक रास्ता बनाएंगे, जो धीरे-धीरे महिलाओं को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाएगा।”

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आदित्यनाथ ने रायबरेली में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ‘परिवार के सिंडिकेट’ से ही चलती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।