समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली से अपने ‘PDA रथ’ के जरिए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अभियान की शुरुआत की। बछरावां से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने PDA को पीड़ित, दुखी और अपमानित लोगों से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा।

रायबरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने अपने रथ की तुलना महाभारत के रथ से की। उन्होंने कहा कि रथ भारतीय संस्कृति में कुरुक्षेत्र और महाभारत का प्रतीक है। उनके मुताबिक, इसी तरह के रथ पर भगवान कृष्ण ने गीता का पाठ दिया था और आज इसी रथ के माध्यम से उन्हें भी सीख मिल रही है।

अखिलेश यादव ने कहा, “जो पीड़ित है, वह PDA है। जो पीड़ित है, जो दुखी है, वह PDA है। जिसका अपमान हो रहा है, वह PDA है।” उन्होंने कहा कि इस बार राजनीतिक तस्वीर बिल्कुल साफ है और एक तरफ पीड़ित लोग हैं, जबकि दूसरी तरफ उन्हें प्रताड़ित करने वाले लोग हैं।

‘जितना प्रेम और अपनापन दिखाएंगे, उतने ताकतवर होंगे’

सपा प्रमुख ने PDA के जरिए अपने समर्थक सामाजिक समूहों के बीच एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच जितना प्रेम, दया और अपनापन दिखाया जाएगा, उतनी ही ताकत बढ़ेगी। अखिलेश ने कहा कि जब जनसमर्थन बढ़ता है तो कुछ लोग मैदान छोड़ देते हैं या अंडरग्राउंड हो जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि “इस बार जनता उनको समझ चुकी है।”

‘जनता के वोट का बुलडोजर इनके ऊपर चलेगा’

अखिलेश यादव ने रायबरेली में हालिया छात्र विवाद का जिक्र करते हुए समाजवादी छात्र सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जहां सपा सकारात्मक राजनीति कर रही है, वहीं भाजपा नकारात्मक राजनीति कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा जनसमर्थन का मुकाबला नहीं कर पाती तो प्रशासन को आगे कर देती है। अखिलेश ने कहा कि PDA आंदोलन के जरिए ऐसे लोगों को जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, “इस बार जनता के वोट का बुलडोजर इनके ऊपर चलने वाला है।” उन्होंने आगे कहा कि यह वोट का बुलडोजर ऐसी नकारात्मक राजनीति करने वालों को खत्म कर देगा।

‘पीड़ित और अपमानित लोग एकजुट हो रहे हैं’

अखिलेश यादव ने PDA आंदोलन को सामाजिक आंदोलनों की कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक आंदोलन पहले भी सफल हुए हैं और PDA आंदोलन में पीड़ित, दुखी और अपमानित लोग एकजुट होते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह वर्ग भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर उत्तर प्रदेश से उसे हटाने का काम करेगा। यह उनके राजनीतिक वक्तव्य और 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर दिए गए अभियान संदेश का हिस्सा था।

रायबरेली से क्यों शुरू हुई PDA रथ यात्रा?

सपा ने PDA रथ यात्रा की शुरुआत के लिए रायबरेली को चुना है। रायबरेली लोकसभा सीट कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास है और यह कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। अखिलेश यादव का कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के बाहर सपा की छात्र सभा और ABVP से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी टकराव की स्थिति बनी थी।

अखिलेश यादव ने पहले ही हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी के घर जाने और उनके साथ चाय पीने की घोषणा की थी। गुरुवार को PDA रथ यात्रा के दौरान वह जीआईसी मैदान में जनसभा को संबोधित करने के साथ विधायक के आवास पर भी पहुंचे।

2027 के लिए PDA को जमीन पर उतारने की कवायद

सपा की PDA रणनीति में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक प्रमुख सामाजिक समूह हैं। पार्टी इस रणनीति को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और जनसंपर्क अभियान के तौर पर आगे बढ़ा रही है। रायबरेली से रथ यात्रा की शुरुआत इसी अभियान का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है।

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गुरुवार शाम को राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद बीजेपी की तरफ से पलटवार किया गया। बीजेपी के नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक समझ शून्य है। वो 56 साल हैं लेकिन कहते हैं कि 50 साल से राजनीति को देख रहे हैं। पूरी खपबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।