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अखिलेश यादव ने जारी की 235 उम्मीदवारों की लिस्ट, टूट सकती है सपा

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 325 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी लेकिन अखिलेश अपने चहेतों को टिकट दिलवाने पर अड़े रहे

Author लखनऊ | December 30, 2016 8:44 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोटबंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव का सबसे ज्यादा इंतजार है

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) गुरुवार को दो फाड़ होने के नजदीक पहुंच गई, जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद अपनी तरफ से 235 उम्मीदवारों की एक समानांतर फेहरिस्त जारी कर दी। हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन सोशल मीडिया पर यह पूरी सूची मौजूद है।

सोशल मीडिया पर उपलब्ध सूची में उन सभी मंत्रियों के नाम शामिल हैं, जिनके नाम बुधवार को घोषित सूची में टिकट काटे गए थे। बुधवार को जारी सूची में ज्यादातर नाम अखिलेश के प्रतिद्वंद्वी और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के करीबी लोगों के थे। गुरुवार देर रात जारी सूची में अखिलेश के करीबी मंत्री अरविंद सिंह गोप को फिर बाराबंकी की रामनगर सीट से, राज्य मंत्री पवन पाण्डेय को दोबारा अयोध्या से और कैबिनेट मंत्री रामगोविन्द चौधरी को बलिया की बांसडीह सीट से टिकट दिया गया है। बुधवार को घोषित सूची में इन मंत्रियों के नाम नहीं थे।

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को 325 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे। उनका कहना था कि यह सूची बहुत सोच-समझकर बनाई गई है और अब इसमें कोई फेरबदल नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह उन मंत्रियों और विधायकों को दोबारा टिकट देने के लिए मुलायम से बात करेंगे, जिन्होंने अच्छा काम किया है और चुनाव जीतने की स्थिति में है। अखिलेश ने गुरुवार को सपा मुखिया से भेंट की और फिर पार्टी टिकट से वंचित विधायकों के साथ अपने सरकारी आवास पर बैठक की। बैठक के बाद इंदल सिंह ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हमें बुलाया और अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा।’ इससे पहले, टिकट बंटवारे को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री एवं उनके चाचा शिवपाल ने सुबह अपने-अपने वफादारों से मुलाकात की थी। पार्टी नेताओं का अखिलेश और मुलायम के आवास के सामने जमावड़ा शुरू हो गया था। शिवपाल के आवास के बाहर भी भीड़ इकट्ठा होने लगी थी।

अखिलेश ने बुधवार रात संवाददाताओं से कहा था, ‘सूची में कुछ ऐसे लोगों के नाम नहीं हैं, जो निश्चित तौर पर जीत सकते हैं। मैं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष ये मुददा उठाऊंगा और उनसे कहूंगा कि कुछ ने वाकई अच्छा कार्य किया है और उन्हें टिकट मिलना चाहिए।’ जवाबी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने रात में ही शिवपाल के दो करीबियों सुरभि शुक्ला और उनके पति संदीप शुक्ला को बर्खास्त कर दिया। दोनों को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था। सुरभि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की उपाध्यक्ष और संदीप राजकीय निर्माण निगम में सलाहकार के पद पर थे। संदीप को सुल्तानपुर सदर सीट से टिकट मिला है।

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