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अखिलेश कैबिनेट में लौटे गायत्री प्रजापति ने कहा-‘विरोधियों का हुआ मुंह काला’

मीडिया से मुखातिब गायत्री प्रजापति ने कहा कि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप विरोधियों की साजिश थी। अब सभी विरोधी चारो खाने चित्त हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट के 8वें विस्तार में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेते खनन मंत्री गायत्री प्रजापति। (एएनआई फोटो/26 सितंबर, 2016/फाइल)

अखिलेश यादव ने अपने आठवें मंत्रिमंडल विस्तार में चार नए मंत्रियों को जगह दी है जबकि छह मंत्रियों को प्रमोट किया है। इसे अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार माना जा रहा है। सोमवार को लखनऊ के राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव दोनों मौजूद थे। सबकी निगाहें गायत्री प्रजापति पर टिकी थीं जिन्हें कुछ दिनों पहले 12 सितंबर को भ्रष्टाचार के आरोप में मंत्री पद से बर्खास्त किया गया था। मंत्री पद की दोबारा शपथ लेने के बाद गायत्री प्रजापति ने अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के पैर छुए। मीडिया से मुखातिब गायत्री प्रजापति ने कहा कि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप विरोधियों की साजिश थी। अब सभी विरोधी चारो खाने चित्त हो गए हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोग ऐसे हैं जो हमारे जैसे गरीब के बेटे को मंत्री पद पर देखना नहीं चाहते, वो यह नहीं पचा पा रहे हैं कि एक मजदूर का बेटा आज फिर से मंत्री बन बैठा है। ऐसे लोगों की सोच पूंजीवादी है।”

सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर द्वारा मंत्री बनाए जाने से रोकने के लिए राज्यपाल से मुलाकात करने पर उन्होंने कहा, “नूतन ठाकुर और उनके पति के खिलाफ जांच होनी चाहिए और उनकी वास्तविक संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए। कहा गया था कि मेरे पास 1000 से 1500 करोड़ रुपये हैं लेकिन इसका प्रमाण कहां है? क्या कोई एफआईआर दर्ज की गई?” उन्होंने कहा कि जब लोकायुक्त ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया है तब भी कुछ लोग उनकी छवि खराब करना चाहते हैं।

शपथ ग्रहण समारोह से पहले शनिवार को नूतन ठाकुर ने गवर्नर राम नाईक को एक आवेदन दिया था जिसमें गायत्री प्रजापति को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल करने से रोकने की मांग की गई थी। ठाकुर ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा था कि जिस व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, उस शख्स को फिर से मंत्री कैसे बनाया जा सकता है। रविवार को मुलाकात मके दौरान राज्यपाल ने नूतन ठाकुर को मामले को फिर से देखने का आश्वासन दिया था।

अब उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद में अधिकतम 60 मंत्री हैं। दिलचस्प बात यह है कि गायत्री के साथ बर्खास्त किए गए राज किशोर सिंह वापसी करने में नाकामयाब रहे। स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री रहे रियाज अहमद, यासर शाह और रविदास मेहरोत्रा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा, नरेन्द्र वर्मा और शंखलाल माझी को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। अखिलेश मंत्रिपरिषद में अब 32 कैबिनेट मंत्री, नौ स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री तथा 19 राज्य मंत्री हैं। विधानसभा चुनाव से पहले स्वच्छ छवि बनाने की कोशिश में अखिलेश ने दो हफ्ते पहले गायत्री को बर्खास्त किया था। उनके इस कदम से हालांकि सपा में जबर्दस्त राजनीतिक संकट पैदा हो गया। समझौता फार्मूला के तहत गायत्री की वापसी हुई है और इसमें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की रजामंदी थी।

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