एनसीपी नेता और राकांपा (शप) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पिछले माह हुए विमान हादसे में उनके चाचा और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं थी और इस मामले में विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

रोहित का दावा- एक दिन पहले कार से आना था, फिर उसे टाल दिया गया

रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने अजित पवार के एक्सीडेंट से जुड़ी कुछ बातों की जांच की है। एक किताब में लिखा है कि किसी को मारने का सबसे आसान तरीका होता है उसके ड्राइवर को मार देना। हादसे से एक दिन पहले, दादा को मुंबई से पुणे कार से आना था, लेकिन उन्होंने यह यात्रा क्यों टाल दी? उस दिन उन्हें एक बड़े नेता से मिलना था। पूरा महाराष्ट्र इस सवाल का जवाब चाहता है कि यह विमान हादसा था या कोई साजिश।”

उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी ‘वीएसआर’ का डीजीसीए के अधिकारियों पर प्रभाव है और यह “कुछ भी करके बच सकती है।” उन्होंने बताया कि वीएसआर कंपनी के एक विमान का 2023 में हुए हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही पेश की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी के विमान उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा अब भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कंपनी का परिचालन लाइसेंस कभी क्यों रद्द नहीं किया गया।

विमान के पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह जताया

रोहित पवार ने विमान के पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि हादसे से पहले उन्हें हांगकांग से आने और शराब पीकर उड़ान भरने को लेकर चेतावनी मिली थी। साथ ही, कपूर का पिछले रिकॉर्ड संदिग्ध है और अतीत में शराब के सेवन के लिए उन्हें तीन साल का निलंबन भी झेलना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि अंतिम क्षणों में विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया था या नहीं।

उन्होंने बताया कि मूल पायलट – साहिल मदान और यश – ट्रैफिक जाम की वजह से देर से पहुंचे थे। ऐसे में उन्होंने पूछा कि सुमित कपूर और शांभवी पाठक हवाई अड्डे तक कैसे पहुंचे और क्या वे आसपास ही रहते थे। रोहित पवार ने कहा कि पाठक को कपूर की तुलना में लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था, लेकिन जब विमान के एक तरफ झुका, तो कपूर चुप रहे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुश्किल रनवे 11 और दृश्यता की समस्या के बावजूद लैंडिंग का प्रयास क्यों किया गया।

रोहित पवार ने दावा किया कि उनके दादा राजनीतिक सलाहकार को हटाने वाले थे और पायलट की बदलती सूची संदिग्ध थी। उन्होंने घटनास्थल पर अजित पवार की घड़ी भी देखी, जो हमेशा 15 मिनट आगे रखी रहती थी। इसके अलावा, उन्होंने बुकिंग करने वाली कंपनी एरो, वीएसआर और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह जताया।

उन्होंने सभी विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा व्यापक जांच की मांग की, जिनमें भारतीय एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो, और ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा (एएआईबी) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के पास इस हादसे की पूरी जांच करने का अधिकार नहीं है।

इसके अलावा, रोहित पवार ने पवार परिवार के एक होने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, “अजित पवार की इच्छा थी कि पूरा परिवार एक साथ आए, चाहे सुप्रिया ताई हों या पवार साहब। हम सभी ऐसी ही कोशिश कर रहे हैं। दादा का सपना कि परिवार एक साथ रहे, ज़रूर पूरा होगा। आज, सब लोग अपने आप एक साथ आए। परिवार एक बार फिर एक हो रहा है।”