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अजीत जोगी का एजेंडा ‘रमन-मुक्त’ छत्तीसगढ़, तीसरे मोर्चे पर बोले- नीतीश-ममता मेरे पुराने दोस्त हैं

अजीत जोगी ने कहा कि मेरा एक सूत्री एजेंडा राज्य से भाजपा नीत भ्रष्ट सरकार को बाहर करना है जो निजी क्षेत्र को और चुनिंदा उद्योगपतियों से राज्य के मूल्यवान खनिजों की लूट करा रही है।

Author रायपुर | June 12, 2016 2:29 PM
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी। (पीटीआई फाइल फोटो)

कांग्रेस से अलग हुए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता अजीत जोगी ने अगले आम चुनावों से पहले तीसरा मोर्चा बनने की स्थिति में ममता बनर्जी और नीतीश कुमार के साथ इसमें शामिल होने का संकेत दिया, वहीं उन्होंने कहा कि ‘रमन मुक्त’ छत्तीसगढ़ उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। राज्य में विरोधियों द्वारा अकसर मुख्यमंत्री रमन सिंह की ‘टीम बी’ कहे जाने वाले जोगी ने कहा कि वह अपने नए राजनीतिक दल का नामकरण इस महीने के अंत तक करेंगे और उन्होंने विधानसभा चुनाव जीतने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है जो करीब दो साल बाद होने हैं।

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘महाभारत के अर्जुन की तरह मैं भी रमन-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य पर निशाना साध रहा हूं। मेरा एक सूत्री एजेंडा राज्य से भाजपा नीत भ्रष्ट सरकार को बाहर करना है जो निजी क्षेत्र को और चुनिंदा उद्योगपतियों से राज्य के मूल्यवान खनिजों की लूट करा रही है।’ छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रहे जोगी ने दावा किया कि उनका दल राज्य में अगली सरकार बनाएगा। आदिवासी नेता ने कहा, ‘मैं इस राज्य से ताल्लुक रखता हूं। हम अगला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नई सरकार बनाएंगे।’

केंद्र में तीसरा मोर्चा बनने की स्थिति में क्या वह उसमें शामिल होंगे, इस सवाल के जवाब में जोगी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके ‘पुराने मित्र’ हैं और सही समय पर इस बारे में निर्णय किया जाएगा।

जोगी ने कहा, ‘जब भी लोकसभा चुनाव होंगे, तब हम निर्णय लेंगे।’ उन्होंने कहा कि नीतीश और ममता ने उन्हें फोन कर कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने के फैसले पर बधाई दी। जोगी ने बताया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, जनता दल (यू) नेता शरद पवार, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना था कि ये सभी उनके ‘पुराने मित्र’ हैं।

रमन सिंह के साथ निकटता के दावों पर उन्होंने कहा, ‘अगर दोस्त होते तो मेरे बेटे को जेल में डलवाते क्या?’ जोगी के बेटे और मरवाही से विधायक अमित जोगी को हत्या के एक मामले में जेल भेजा गया था। रमन के साथ दोस्ती के अपने विरोधियों के दावों को खारिज करते हुए जोगी ने कहा, ‘उन्होंने (रमन सिंह ने) मेरी जाति के मुद्दे को भी जिंदा रखा। कोई दोस्त दूसरे दोस्त के साथ ऐसा नहीं करता।’

अमित को हाल ही में कुछ ऑडिट टेप सामने आने के बाद छह साल के लिए प्रदेश कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। वीडियो में साल 2014 में अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को फायदा कराने के लिए सांठगांठ में उनकी भूमिका सामने आई थी। कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने अजीत जोगी के निष्कासन की भी सिफारिश की थी।

अजीत जोगी ने कहा कि उनकी कांग्रेस में वापसी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह नामुमकिन है। मैं कभी कांग्रेस में वापस नहीं जाऊंगा।’
जोगी ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के कामकाज पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। राजनीतिक विश्लेषक जहां कांग्रेस से जोगी के बाहर होने को एक नए क्षत्रप के उदय की संभावना के तौर पर देखते हैं, वहीं प्रदेश पार्टी अध्यक्ष भूपेश बघेल इसे अच्छा शगुन मानते हैं। बघेल ने कहा, ‘जोगी के जाने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा। दरअसल इससे पार्टी को लाभ होगा और हम अगला चुनाव जीतेंगे।’

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