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एक माह में डेंगू ने लील ली 9 लोगों की जान

शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण पैदा हुए मच्छरों ने अपनी ताकत दिखा दी है। देश के नामी स्वास्थ्य केंद्र अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इसी महीने डेंगू के कारण नौ मरीजों की मौत हो गई है।

Author नई दिल्ली | September 17, 2016 1:15 AM

शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण पैदा हुए मच्छरों ने अपनी ताकत दिखा दी है। देश के नामी स्वास्थ्य केंद्र अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इसी महीने डेंगू के कारण नौ मरीजों की मौत हो गई है। इसके साथ ही अब तक डेंगू से दिल्ली में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 18 हो गई है। दिल्ली में डेंगू के इस साल करीब डेढ़ हजार मरीजों के मामले दर्ज किए गए हैं। अपुष्ट मामलों की तादात और अधिक है।

यों तो डेंगू से पीड़ित सैकड़ों मरीजों का दिल्ली के तमाम अस्पतालों में रोज आना जारी है। लेकिन डेंगू से मौत के मामलों की पड़ताल कर एम्स ने गुरवार को जो रपट दी है वह इसकी बुधवार की रपट से भी अधिक मौतों की पुष्टि करती है। एम्स की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एम्स में एक सितंबर से अब तक डेंगू के नौ मरीजों की मौत हुई है। एम्स के प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से नौ मौतें एम्स में ही भर्ती मरीजों की थी। पहले बुधवार तक की रपट के हवाले से कहा गया था कि डेंगू से पांच लोगों की मौत हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है एम्स में कुल डेंगू के 96 मरीज भर्ती कराए गए, जिनमें से 56 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इनमें ओपीडी में आने वाले मरीज इनमें शामिल नहीं हैं। यहां भर्ती मरीजो में 70 फीसद मरीज उत्तर प्रदेश के निवासी थे, 10 फीसद बिहार मूल के और बाकी दिल्ली के थे।

एम्स ने अपनी जांच रपट में मच्छर जनित बीमारी डेंगू के कारण पांच और लोगों के मरने की खबर की पुष्टि की है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू के संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 18 हो गई है। बड़े पैमाने पर नए मरीजों का आना लगातार जारी है। इस बीमारी के कारण इस साल डेढ़ हजार से अधिक लोग पीड़ित हैं। एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि एक से 13 सितंबर के बीच डेंगू के कारण पांच मौतें हुई थीं। इसे मिला कर मंगलवार तक राष्ट्रीय राजधानी में इस साल डेंगू के कारण कम से कम नौ लोगों की मौत हुई थी। हालांकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने यहां के सभी नगरीय निकायों की मच्छर जनित बीमारियों की रपटों को संकलित कर मरने वालों की संख्या चार बताई थी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के बुखार क्लीनिक में हर दिन डेंगू के कई मरीज आ रहे हैं। हालांकि इस बार डेंगू से ज्यादा चिकनगुनिया के मामले आ रहे हैं। डेंगू के मामले अपेक्षाकृत कम हैं। 13 सितंबर तक यहां खून के 1,440 के नमूनों में चिकनगुनिया पाया गया था।

राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 1,158 डेंगू के मामले सामने आए जिसमें से करीब 390 मामले सितंबर के पहले 10 दिनों में दर्ज किए गए थे। एम्स में सूक्ष्म जैविकी विभाग के डॉक्टर ललित धर ने कहा कि जांच में पाया गया है कि चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार तक जितने नमूनों की जांच की गई उनमें से 885 नमूनों की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से भी करीब 400 मरीजों की इसी महीने पुष्टि हुई है।

मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद नगर निगम अभी भी मामलों की पूरी जानकारी देने में नाकाम है। बताया गया है कि इस महीने 387 मामलों की रिपोर्ट मिली है जिनमें कम से कम 50 की बढ़ोतरी हुई। एम्स ने पुष्टि की है कि डेंगू से मरने वाली मरीज इमरान खान (25) थी जो मेरठ की मूल निवासी थी। वह दक्षिण दिल्ली के जामिया नगर में रहती थी। इमरान खान की अपोलो अस्पताल में 31 अगस्त को डेंगू के कारण मौत हो गई थी। निगम में दर्ज मौतों में ओखला के विधायक अमानतुल्ला खान की रिश्तेदार नाजिश (38) शामिल है जिसकी 12 अगस्त को अपोलो अस्पताल में डेंगू के कारण मौत हो गई थी। शाहीन बाग में रहने वाली मुस्कान (12) की 29 जुलाई को मौत हो गई थी जबकि उत्तर प्रदेश में जौनपुर के रहने वाले दीपक (19) की बीमारी के कारण 27 जुलाई को मौत हो गई थी। ये दोनों मौतें सफदरजंग अस्पताल में हुई थी। इनके अलावा शहर में विभिन्न अस्पतालों में पांच अन्य लोगों की मौत की खबर भी आई थी। लेकिन एसडीएमसी ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

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