तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार को हुए एक अहम घटनाक्रम में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के तीन विधायकों एम. कुमारवेल, सत्यबामा, जयकुमार ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। तीनों ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। इन तीनों विधायकों के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके में शामिल होने की बात कही जा रही है।
विधानसभा अध्यक्ष ने तीनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु की विधानसभा में एआईएडीएमके के विधायकों की संख्या घटकर 44 रह गई है। इन तीन सीटों के अलावा तिरुचिरापल्ली (पूर्वी) में भी अगले छह महीनों के भीतर उपचुनाव हो सकते हैं।
एआईएडीएमके में सामने आई थी कलह
विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एआईएडीएमके में कलह सामने आई थी। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने पार्टी पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की है। पलानीस्वामी को पूर्व राज्य मंत्रियों सी.वे. षणमुगम और एस. पी. वेलुमणि के खुले विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है।
षणमुगम और वेलुमणि के नेतृत्व वाले गुट ने पार्टी के 23 विधायकों के साथ 13 मई को सदन में शक्ति परीक्षण के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इन विधायकों ने पलानीस्वामी के तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के खिलाफ मतदान करने के निर्देश का उल्लंघन किया था।
बागी नेता वेलुमणि ने पार्टी तोड़ने की मंशा से इनकार करते हुए कहा था कि विधायकों ने जनादेश के अनुसार टीवीके को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा था कि एआईएडीएमके को तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव में अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता से जुड़े ‘अम्मा शासन’ को बहाल करने की दिशा में काम करना चाहिए।
वेलुमणि ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही षणमुगम ने नवगठित सरकार में पद की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जब षणमुगम के आवास पर आए तो उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें सरकार से अन्नाद्रमुक शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का आग्रह किया गया, जिसमें अम्मा कैंटीन और नवविवाहिता के लिए स्वर्ण सहायता योजना शामिल है।
कांग्रेस ने डीएमके की पीठ में छुरा घोंपा : उदयनिधि
इससे पहले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) की युवा शाखा के प्रमुख उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर तमिलनाडु में चुनावी फायदे के लिए डीएमके की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था। उन्होंने डीएमके के कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे कांग्रेस पर फिर कभी भरोसा न करें।
तमिलनाडु में 59 साल बाद सरकार में शामिल हुई कांग्रेस
तमिलनाडु में बीते दिनों हुए विजय सरकार के कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस विधायक दल के नेता और किलियूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेश कुमार तथा मेलूर विधानसभा से विधायक पी. विश्वनाथन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
