तमिलनाडु की सियासत में पारा बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। AIADMK ने शुक्रवार को टीवीके पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है और कहा कि अगर यह सिलसिला ऐसे चलता रहा तो पार्टी सीबीआई जांच की मांग करेंगी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, AIADMK के व्हिप एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने कहा कि यदि TVK सरकार की ओर से करोड़ों रुपये के कैश ट्रांसफर के जरिए विधायकों को कथित तौर पर अपने पाले में करने का सिलसिला जारी रहता है, तो पार्टी CBI जांच की मांग करेगी।
चार विधायक हाल ही में टीवीके में शामिल हुए
जानकारी दे दें कि हाल ही में AIADMK के चार विधायकों के. मरगथम कुमारवेल (मदुरंतकम विधानसभा क्षेत्र), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई), पी. सत्यभामा (धारापुरम) और इसाकी सुबैया (अंबासमुद्रम) ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और TVK में शामिल हो गए। इससे राज्य के राजनीतिक दलों के बीच ज़ोरदार बहस छिड़ गई। ये उन बागी AIADMK विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने 13 मई को विधानसभा में हुए फ़्लोर टेस्ट के दौरान TVK के पक्ष में वोट दिया था।
कृष्णमूर्ति ने टीवीके पर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की हार्स ट्रेडिंग के जरिए चारों विधायकों को इस्तीफा देने पर मजबूर किया था। आगे उन्होंने कहा, “अगर वे इस तरह के गलत हरकत करते रहे तो इस समय मेरा कहने का फर्ज बनता है कि हम पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी की मंजूरी से इस मामले में सीबीआई जांत की मांग करने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाएंगे।”
विजय के मंत्री पर साधा निशाना
कृष्णमूर्ति ने टीवीके नेता और विजय सरकार मंत्री आधव अर्जुन को निशाना बनाते हुए दावा किया कि वे जनता की सेवा करने के बजाय पूरी तरह से एआईएडीएमके के पदाधिकारियों को अपनी पार्टी में शामिल करने पर ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि आधव अर्जुन सचिवालय स्थित अपने मंत्री कक्ष का इस्तेमाल अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों को शामिल करने के लिए कर रहे। कृष्णमूर्ति ने कहा, क्या वह सरकारी सचिवालय है या टीवीके का ऑफिस? जनता और निष्पक्ष पर्यवेक्षक यह सवाल कर रहे हैं।
पहले AIADMK में शामिल होना चाहते थे- कृष्णमूर्ति
AIADMK के व्हिप ने यह भी दावा किया कि आधव अर्जुन पहले पलानीस्वामी से मिले थे और पार्टी में शामिल होकर उपमहासचिव का पद पाना चाहते थे।
कृष्णमूर्ति ने कहा, ईपीएस ने उन्हें एआईएडीएमके में शामिल करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने इसके पीछे आधव अर्जुन के पिछले रिकार्ड का हवाला दिया, जिसके तहत वे डीएमके और वीसीके जैसी पिछली पार्टियों से गलत कामों के कारण निकाले या निलंबित किए जा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि आधव अर्जुन टीवीके में तभी शामिल हुए, जब एआईएडीएमके ने उन्हें शामिल करने से मना किया।
बागियों को बताया झड़े हुए बाल
कृष्णमूर्ति ने हालिया दल बदल के मद्देनजर कहा कि जैसे दिवंगत सीएम जे. जयललिता ने 1996 में टिप्पणी करते हुए पार्टी से गद्दारी करने वाले नेताओं को सिर के झडे़ हुए बाल जैसा बता दिया था, इससे संगठन की मूल शक्ति पर कोई असर नहीं पड़ता।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बड़े स्तरीय नेताओं की जगह सैकड़ों नए नेता तैयार किए जा सकते हैं, वहीं पार्टी की असली ताकत उनके 2.16 करोड़ जमीनी स्तर के कार्यकर्ता हैं, जो ईपीएस के प्रति वफादार हैं।
एआईएडीएमके और डीएमके के गठबंधन के अफवाहों को किया खारिज
इसके अलावा उन्होंने एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गुप्त समझौते या गठबंधन की बातचीत की अफवाहों को सिर से खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि एआईएडीएमके की स्थापना एमजी रामचंद्रन ने विशेष रूप से डीएमके का विरोध करने के लिए की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेल और पानी कभी आपस में मिल नहीं सकते। हमारे महासचिव ने डीएमके के साथ गठबंधन सरकार बनाने के बारे में किसी से भी कोई बात नहीं की।
जोसेफ विजय पर कसा तंज
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के साफ सुथरा प्रशासन देने के वादे पर तंज कसते हुए, AIADMK नेता ने दावा किया कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में तमिलनाडु में 20 से अधिक हत्याएं, उतनी ही संख्या में यौन हमले और लूटपाट तथा गांजा तस्करी की घटनाएं बड़े पैमाने पर हुई हैं। उन्होंने पोन्नम इलाके में VCK और DMK कार्यकर्ताओं के बीच हाल ही में हुई हिंसक झड़पों का भी जिक्र किया।
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तमिलनाडु की टीवीके सरकार में हिंदू धार्मिक मामलों के मंत्री रमेश ने तिरुचेंदुर सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक पुजारी रुपये लेकर दर्शन करवाते हुए पकड़ा गया। इसके बाद पुजारी को सस्पेंड कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
