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महात्‍मा गांधी पर लेख लिखने में सीरियल धमाकों के आरोपी आतंकियों ने किया टॉप

नवजीवन ट्रस्ट ने साबरमती सेंट्रल जेल में महात्मा गांधी के जीवन और उनके दर्शन को लेकर परीक्षा का आयोजन किया था। इसमें कुल 85 कैदियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के आरोपी भी शामिल थे।
Author नई दिल्ली | February 9, 2018 14:11 pm
साबरमती जेल में महात्मा गांधी पर आयोजित परीक्षा में अहमदाबाद सीरियल धमाकों के आरोपियों ने टॉप किया। (फोटो सोर्स: एक्सप्रेस फाइल फोटो)

बम धमाकों से निर्दोष लोगों की हत्या करने और आतंक फैलाने वाले आरोपियों ने अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आयोजित लेख प्रतियोगिता में टॉप किया है। जी हां! नवजीवन ट्रस्ट ने साबरमती सेंट्रल जेल में महात्मा गांधी पर परीक्षा का आयोजन किया था। इसमें वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के आरोपी इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के तीन संदिग्ध आतंकियों ने शीर्ष स्थान हासिल किया। आरोपी शमशुद्दीन शेख टॉपर रहा। उसने 80 में से 77 अंक प्राप्त किए थे। उसे गुरुवार (8 फरवरी) को टॉपर्स प्राइज दिया गया था। इसके अलावा सीरियल ब्लास्ट के दो अन्य आरोपी हसन रजा (69 अंक) और अयाज सैय्यद (68 अंक) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रह था। अयाज इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रहे हर्षद राठौड़ के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहा था। परीक्षा में तीन किताबों गांधी की संक्षिप्त जीवनी, मंगल प्रभात और गांधी बापू से सवाल पूछे गए थे। परीक्षा गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में ली गई थी। पिछले साल सितंबर में आयोजित परीक्षा में 85 कैदियों ने हिस्सा लिया था।

कैदियों के लिए हर साल इस तरह की परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। जेल में आयोजित परीक्षाओं में आमतौर पर आईएम का संस्थापक और सीरियल धमाकों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार सफदर नागौरी टॉप करता रहा है। पिछले साल महात्मा गांधी पर आयोजित परीक्षा में नागौरी ने ही टॉप किया था। उसे नकद इनाम भी दिया गया था। हालांकि, इस बार की प्रतियोगिता में उसने हिस्सा नहीं लिया था। अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों के सात आरोपियों के साथ ही बिजनेसमैन गौतम अडानी को अगवा करने का आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन फज्ल-उर-रहमान, बिजल जोशी बलात्कार मामले में दोषी करार सजल जैन और गैंगस्टर मोहम्मद फाइटर ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। पिछले साल नवजीवन ट्रस्ट की परीक्षा में 363 कैदियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन इस बार इसमें काफी संख्या में कैदियों ने हिस्सा लिया।

सीरियल ब्लास्ट में 40 लोगों की गई थी जान: जुलाई, 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में 40 लोगों की मौत हो गई थी, जबिक 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। शहर में ताबड़तोड़ 17 बम धमाके हुए थे। सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के पास हुए धमाके में सबसे ज्यादा 25 लोग मारे गए थे। इसे अहमदाबाद में अब तक का सबसे भीषण आतंकी हमला भी माना जाता है।

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