ताज़ा खबर
 

एमपी उपचुनाव: सीएम शिवराज ने की रानी पद्मावती का स्मारक बनाने की घोषणा, ‘पद्मावत’ फिल्म का विरोध करने वाले के खिलाफ नहीं चलेगा केस

इंदौर में आयोजित पारंपरिक शस्त्र पूजन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा में हंगामे की स्थिति बन गई। चौहान के भाषण के बीच कुछ श्रोताओं ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

MP bypolls, CM shivraj singh chouhan, rani padmavati memorialसीएम शिवराज इन दिनों पूरे जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। (फाइल फोटो)

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की। सीएम ने कहा कि भोपाल में रानी पद्मावती का स्मारक बनवाया जाएगा। साथ ही उन्होंने फिल्म पद्मावत का विरोध करने वालों के खिलाफ दर्ज मामलों को भी वापस लेने की बात कही।

शिवराज ने कहा कि भोपाल की मनुआभान टेकरी पर रानी पद्मावती का स्मारक बनाने का फैसला काफी पहले ही किया जा चुका है और इसके लिए प्रदेश की राजधानी में जमीन भी आरक्षित हो चुकी है। उन्होंने संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म “पद्मावत” (2018) को “समाज के सम्मान पर आघात” बताते हुए कहा कि इस फिल्म को सूबे में प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि रानी पद्मावती की वास्तविक जीवन गाथा को अगले सत्र से राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

इसके साथ ही, बहादुरी भरे काम करने वाले पुरुषों और महिलाओं के हौसले को सलाम करने के लिए क्रमश: महाराणा प्रताप और रानी पद्मावती के नाम पर दो-दो लाख रुपये के वार्षिक पुरस्कार शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया, “हमने राज्य में इस फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर दर्ज सारे मामले वापस लेने का फैसला किया है क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने अन्याय का विरोध किया था।”

उन्होंने यह भी बताया कि रानी पद्मावती की वास्तविक जीवन गाथा को अगले सत्र से राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।  इससे पहले इंदौर में विजय दशमी पर राजपूत समुदाय के मंगलवार को आयोजित पारंपरिक शस्त्र पूजन समारोह के दौरान सीएम की सभा में हंगामे की स्थिति बन गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण के बीच कुछ श्रोताओं ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। समारोह में मुख्यमंत्री का भाषण जब समाप्ति की ओर था, तब श्रोताओं में शामिल कुछ महिलाएं और पुरुष अपनी कुर्सी से उठे और जातिगत आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ अचानक नारेबाजी शुरू कर दी।

उन्होंने “मामाजी (चौहान का लोकप्रिय उपनाम) सबको नौकरी दो” और “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते” जैसे नारे भी लगाए। नारेबाजी के बीच अपने व्यस्त चुनावी कार्यक्रम का हवाला देकर मुख्यमंत्री समारोह स्थल से रवाना हो गए।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बिहारः मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस कार्रवाई और मौत के बाद निशाने पर सरकार; कपिल मिश्रा बोले- ये महापाप…पुलिस ही कसाब बन गई
2 एक्ट्रेस मालवी मल्होत्रा पर हमला, दोस्त पर लगाया आरोप- चाकू से किए कई बार वार, अंबानी अस्पताल में एडमिट
3 लव जिहाद में बीच सड़क लड़की का मर्डर? परिजन बोले- तुरंत हो तौसिफ का एनकाउंटर
यह पढ़ा क्या?
X