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अग्निपथ का विरोध करने पहुंचे कन्हैया कुमार को युवाओं ने कहा- देशद्रोही, हुई मारपीट

अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में सत्याग्रह किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने कई शहरों में संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित किया।

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अग्निपथ योजना का कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने किया विरोध। ( फोटो सोर्स: @AnshumanSail)।

अग्निपथ योजना के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को देशव्यापी सत्याग्रह का आयोजन किया। इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार पटना पहुंचे, पर विरोध करने पहुंचे कन्‍हैया कुमार को ही विरोध का सामना करना पड़ गया। इस दौरान कन्हैया के खिलाफ नारेबाजी हुई और भीड़ ने उन्हें देशद्रोही कहा।

कन्‍हैया कुमार ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया थोड़े देर बाद ही उनका विरोध शुरू हो गया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नारेबाजी कर रहे युवाओं के बीच मारपीट भी हुई। दरअसल, कन्हैया कुमार जिस समय भाषण दे रहे थे, उस दौरान एक युवक उनका विरोध करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगा। जिसके बाद बाकी युवा भी उग्र हो गए और ‘कन्‍हैया कुमार मुर्दाबाद’, ‘कन्‍हैया कुमार देशद्रोही है’ के नारे लगाने लगे।

इस दौरान स्‍थाानीय युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गाली गलौज और धक्‍का मुक्‍की भी हुई। स्थिति खराब होती देखकर कन्‍हैया कुमार को अपना भाषण बीच में ही रोक कर निकलना पड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुश्किल से कन्‍हैया कुमार को गाड़ी में बैठाकर कार्यक्रम स्‍थल से रवाना किया।

मंत्रियों के बेटे क्यों नहीं हो रहे शामिल: इससे पहले कन्हैया कुमार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उनके बेटे जय शाह पर निशाने साधते हुए सवाल उठाया कि मंत्री लोग अपने बेटा को अग्निपथ योजना में क्यों शामिल नहीं करा रहे? उन्होंने कहा कि मंत्री का बेटा बीसीसीआई का सेक्रेटरी बनेगा और किसान, मजदूर के बेटा को मिलेगी ठेके की नौकरी? कन्हैया कुमार ने कहा कि अग्निपथ योजना बिहार के युवाओं पर भारी पड़ेगी। सेना की नौकरी करना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या सेना को ठेके पर दे देना चाहिए?

वहीं, दूसरी ओर अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सत्याग्रह किया और योजना को लागू करने के ‘तुगलकी’ फैसले को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस के 20 वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने कई शहरों में संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित किया। इस सम्मेलन का शीर्षक ‘अग्निपथ की बात: युवाओं के साथ विश्वासघात’ था। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे और युवाओं के बीच असंतोष का हवाला देते हुए इस योजना को वापस लेने की मांग की गयी।

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