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सैन्य शिविर के बाद अब CRPF पर हमला, महबूबा मुफ्ती ने कहा- हिंसा के खात्मे के लिए पाक से हो बात

लश्कर-ए-तैयबा ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। इस बीच, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुंजवान हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पड़ोसी मुल्क को इसकी कीमत चुकानी होगी।

जम्‍मू कश्‍मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (फाइल फोटो)

सुंजवान में फिदायीन हमले के 72 घंटे के भीतर ही आतंकवादियों ने सोमवार सुबह श्रीनगर के कर्ण नगर इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 23वीं बटालियन के मुख्यालय पर हमला किया। लेकिन सतर्क बलों ने आतंकवादियों की कोशिश नाकाम कर दी। इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में अर्धसैनिक बल का एक जवान शहीद हो गया। लश्कर-ए-तैयबा ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। इस बीच, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुंजवान हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पड़ोसी मुल्क को इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी हमले के सबूत दिए जाएंगे और माकूल जवाब भी। हालांकि इससे पहले दिन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में हिंसा खत्म करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच नए सिरे से बातचीत की पैरवी की।

उन्होंने राज्य विधानसभा में कहा कि अगर फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान के साथ बातचीत करने को कहते हैं तो उन्हें राष्ट्र विरोधी करार दिया जाता है। बातचीत के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ ने सोमवार सुबह अपने शिविर पर हमले का आतंकियों का प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद आतंकवादी पास में बने एक मकान में छुप गए। मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन का एक जवान घायल हो गया था जिसकी कुछ घंटे बाद मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि शिविर के संतरी ने सुबह करीब साढ़े चार बजे दो संदिग्ध लोगों को पीठ पर बैग लटकाए और हाथों में हथियार लिए आते देखा। दोनों मोटरसाइकिल पर थे। उसने दोनों को ललकारा और उनपर गोलियां चलार्इं। दोनों आतंकवादी एके-47 से लैस थे। संतरी द्वारा गोलियां चलाने पर दोनों आतंकी गोलीबारी करते हुए भागे। सीआरपीएफ के महानिरीक्षक रविदीप सहाय के अनुसार, आतंकवादियों की संख्या दो थी। वे पास की इमारत में जा छुपे। उस इमारत से पांच परिवारों को निकाला गया है। सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने उस इमारत को घेर रखा है और कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि सतर्क संतरी ने हमला नाकाम कर दिया।

इस बीच, सुंजवान सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले का जायजा लेने जम्मू पहुंचीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सुंजवान में हुए आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी थे। हमले में शामिल जैश ए मोहम्मद के आतंकी मारे गए। जम्मू में प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उन्होंने सुंजवान सैन्य शिविर का हेलिकॉप्टर से सर्वे किया और अस्पताल में घायलों से मिलीं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी मुलाकात की। महबूबा मुफ्ती से मुलाकात को लेकर रक्षा मंत्री ने बताया, मैंने देखा महबूबा बहुत गुस्से में थी और मैं भी घायलों से अस्पताल में मिलकर आई हूं। उन्होंने कहा, इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है। अजहर मसूद इस हमले का मास्टरमाइंड है। गौर करने वाली बात है कि रक्षामंत्री की यह सख्त चेतावनी महबूबा मुफ्ती के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से बातचीत करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमें खुफिया विभाग ने बताया है कि इन आतंकवादियों को सीमा पार से नियंत्रित किया जा रहा था। पाकिस्तान पीर पंजाल रेंज में आतंकवाद फैला रहा है और युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। एक सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा कि सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। पाकिस्तान को सबूत देना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यह हर बार साबित हुआ है कि वे ही जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान को इस हरकत की कीमत चुकानी होगी।

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