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मुश्किल में कॉमेडियन कपिल शर्मा, एफआईआर के बाद अब वन विभाग के अफसरों ने दफ्तर खंगाला

कपिल शर्मा ने पिछले हफ्ते एक ट्वीट कर इस विवाद को जन्म दे दिया था कि अवैध निर्माण के लिए बीएमसी के एक अधिकारी ने उनसे 5 लाख रुपये की घूस मांगी थी

मुश्किल में कॉमेडियन कपिल शर्मा, एफआईआर के बाद अब वन विभाग के अफसरों ने दफ्तर खंगाला

मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। उपनगरीय इलाके गोरेगांव के फ्लैट में अवैध निर्माण की एफआईआर दर्ज होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने वर्सोवा स्थित उनके दफ्तर का निरीक्षण किया। ताकि ये पता लगाया जा सके कि कपिल शर्मा और वहां के अन्य नागरिकों ने निर्माण से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं। वन विभाग के अधिकारियों ने कपिल शर्मा के दफ्तर के अंदर और बाहर जीपीएस सर्वे भी किया।

पीटीआई से बात करते हुए सहायक वन संरक्षक मकरंद घोडके ने कहा ‘मुख्य वन संरक्षक से आदेश प्राप्त होने के बाद हमारी टीम ने वहां निरीक्षण किया है। वहां हमने पाया कि न सिर्फ कपिल शर्मा ने बल्कि 50-60 अन्य फ्लैट के मालिकों ने भी नियमों का उल्लंघन किया है।”

घोटके ने बताया कि “यहां रहनेवाले इन सभी लोगों ने न केवल मैंग्रोव को नुकसान पहुंचाया है बल्कि निर्माण से छेड़छाड़ भी किया है। हमने जीपीएस मशीन से उसकी रीडिंग ले ली है और इससे संबंधित पूरी रिपोर्ट एक-दो दिन में जिलाधिकारी को सौंप देंगे।”

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने कल ही ओशिवारा थाने में कपिल शर्मा के खिलाफ उपनगरीय इलाके गोरेगांव में अवैध निर्माण करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा बीएमसी के सब इंजीनियर अभय जगताप की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एफआईआर में जगताप ने आरोप लगाया है कि कपिल शर्मा ने गोरेगांव के न्यू लिंक रोड स्थित डीएलएच एन्क्लेव के अपने फ्लैट में अवैध निर्माण किया है।

गौरतलब है कि कपिल शर्मा ने पिछले हफ्ते एक ट्वीट कर इस विवाद को जन्म दे दिया था कि अवैध निर्माण के लिए बीएमसी के एक अधिकारी ने उनसे 5 लाख रुपये की घूस मांगी थी। कपिल से इस ट्वीट को पीएम मोदी को भी टैग किया था।

राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने भी कपिल शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने बीएमसी अफसरों द्वारा घूस मांगने के मामले में चुप्पी साधे रखी और अपने फ्लैट में अवैध निर्माण कराया है। एमएनएस महासचिव शालिनी ठाकरे ने कहा कि वे लोग इस मामले में उचित कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां सेलिब्रिटीज को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि कपिल शर्मा को समाज में नागरिकों के सामने एक नजीर पेश करना चाहिए था न कि सेलिब्रिटी बनकर उसका बेजा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच यह है कि “कपिल शर्मा को इस बारे में पहले ही नोटिस मिल चुका था लेकिन बजाय इसके कि वो इसका सही जवाब दें, उन्होंने सेलिब्रिटी होने का फायदा उठाकर सीधे पीएम तक पहुंच गए।”

शिवसेना पहले ही कपिल शर्मा से घूस मांगनेवाले अफसर का नाम उजागर करने की मांग कर चुकी है। उधर, बीजेपी विधायक रामकदम ने भी मुंबई पुलिस की साइबर सेल में एक शिकायत दर्ज कराई है और कपिल के आरोपों की एंटी क्रप्शन ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है।

हालांकि, कांग्रेस नेता संजय निरुपम कल कपिल शर्मा के समर्थन में उतर आए। उन्होंने कहा कि कपिल शर्मा को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र के गवर्नर सी विद्याराव से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और राज्य में भ्रष्टाचार के बोलबाले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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