Delhi News: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में निर्माण कार्य के लिए खोदे गए खुले गड्ढे में बाइक गिरने से एक 25 साल के युवक की मौत हो गई। इस बात की जानकारी पुलिस ने दी है। पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें कई घंटों तक अंधेरे में रखा गया और उन्होंने पूरी रात कई पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगाए, जिसके बाद अगली सुबह उन्हें उसकी मौत की सूचना दी गई।

बताया जा रहा है कि देर रात बाइक से घर से निकलने के बाद वह व्यक्ति लापता हो गया। जब वह वापस नहीं लौटा और उसका फोन भी बंद हो गया, तो रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की और उन्होंने पूरी रात जनकपुरी, सागरपुर, विकास पुरी और रोहिणी के कई पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगाए। सुबह करीब 7:30 बजे उन्हें पुलिस का फोन आया जिसमें उन्हें घटना की जानकारी दी गई। जब परिवार घटनास्थल पर पहुंचा, तो उन्होंने कमल को उसकी बाइक के साथ एक गड्ढे के अंदर पाया।

पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती तो मेरा भाई जिंदा होता

मृतक के भाई ने कहा ने कहा कि अगर पुलिस ने सही वक्त पर कार्रवाई की होती तो मेरा भाई जिंदा होता। उसने एएनआई से बातचीत में कहा, “जब मैंने आखिरी बार उनसे बात की थी, तो उन्होंने कहा था कि वे 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। जब मैंने उन्हें रात 12:30 बजे दोबारा फोन किया , तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। हम चिंतित हो गए। हमने उनकी तलाश शुरू कर दी। मैं पहले रोहिणी स्थित उनके ऑफिस गया, फिर जनकपुरी पुलिस स्टेशन गया। पुलिस ने हमें इस इलाके में उनकी आखिरी लोकेशन बताई। हम उन्हें ढूंढते रहे, लेकिन वे नहीं मिले। यह घोर लापरवाही है। मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गिर जाए। रात 1:30 बजे मैंने गड्ढे में जाकर देखा, लेकिन उस समय वह वहां नहीं थे। हमने कम से कम 6 पुलिस स्टेशनों का दौरा किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। सुबह जब मैंने फिर से अपने भाई के फोन नंबर पर कॉल किया, तो पुलिस ने फोन उठाया और हमें बताया कि उनका शव गड्ढे से बरामद कर लिया गया है। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो मेरा भाई जिंदा होता।”

मृतक के दोस्त ने क्या-क्या बताया?

मृतक के दोस्त ने बताया, “कल रात जब वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंचा था, तब मेरी उससे बात हुई थी। वह घर से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर था। एक घंटे बाद जब वह घर नहीं पहुंचा, तो हम डिस्ट्रिक्ट सेंटर गए। वह हमारे फोन नहीं उठा रहा था। उसकी बाइक का कहीं पता नहीं चल रहा था। जब हम शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए, तो हमें बताया गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। पुलिस ने हमारे दोस्त का पता लगाने में हमारी मदद की और हमें यहां 200 मीटर के दायरे में उसे ढूंढने के लिए कहा। 7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन वह नहीं मिला।”

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दोस्त ने आगे कहा, “रात 1 बजे जब हमने गड्ढे में जाकर देखा, तो वह वहां नहीं था। हम लगातार इसी सड़क पर थे, लेकिन हमारी जांच के बाद वह यहां कैसे पहुंचा, यह हमारी समझ से बाहर है। जब हम सुबह 7 बजे घर लौटे, तो हमारे दोस्त के फोन से एक कॉल आया और पुलिस ने हमें बताया कि वह गड्ढे में है। रात में पुलिस उसके फोन को ट्रेस क्यों नहीं कर पाई? हमें शक है कि उसकी हत्या कर दी गई है। उसके माता-पिता पर क्या बीत रही होगी? हम अभी भी कोशिश कर रहे हैं। हमने अभी तक उसकी मां को सूचित नहीं किया है। वह 25 साल का था और रोहिणी सेक्टर 10 स्थित एचडीएफसी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। पुलिस तैनात कर दी गई है और गड्ढे के चारों ओर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। वे पहले ऐसा क्यों नहीं कर सके? मेरे दोस्त की जान बच सकती थी।”

आप ने दिल्ली सरकार पर बोला हमला

इस मामले पर सियासत भी देखने को मिल रही। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सड़क में गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर कर फंस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया। नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा। बस रोज झूठ बोला जाता है।”

दिल्ली जल बोर्ड का यहां काम चल रहा था- आशीष सूद

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, “मुझे इस दुखद घटना की सूचना सुबह करीब 8:30-9:00 बजे मिली और मैं तब से घटनास्थल पर मौजूद हूं। यह एक बेहद दुखद घटना है जिसमें एक युवक की असमय मृत्यु हो गई है। अब तक मिली जानकारी के आधार पर सभी आवश्यक सावधानियां बरतने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी की ओर से कोई चूक पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, इससे हुए इस दुखद नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। जल बोर्ड ने ऑडिट किए थे और सर्कुलर जारी किए थे। इसके बावजूद, बैरिकेड्स लगे हुए थे, लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना कैसे हुई और घटनाक्रम की जांच करने का प्रयास कर रही है।”

बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में पिछले महीने एक खाली प्लॉट पर पानी से भरे गहरे गड्ढे में कार गिरने से 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…