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Karnataka: लोकसभा चुनाव के बाद 14 हजार किसानों के खातों से ‘साफ’ हुए कर्जमाफी के रुपए

पूरे कर्नाटक में 13,988 किसानों के खातों में चुनाव से पहले कर्जमाफी की रकम आई थी, लेकिन चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सारे रुपए निकाल लिए गए हैं।

Author बेंगलुरु | June 12, 2019 8:20 PM
कर्नाटक मुख्यमंत्री फोटो सोर्स-ANI

कर्नाटक के यादगिर जिले के सागर गांव में रहने वाले शिवप्पा के बैंक खाते में अप्रैल 2019 के दौरान 43,553 रुपए जमा हुए थे। यह रकम कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की चुनाव से पहले कर्जमाफी स्कीम के तहत जमा की गई थी। वहीं, शिवप्पा ने 3 जून को अपना बैंक खाता चेक किया तो रकम अपनेआप ‘साफ’ हो गई थी।

14 हजार किसानों ने लगाया आरोप: बताया जा रहा है कि कर्नाटक में सिर्फ शिवप्पा ही इस तरह की घटना के अकेले शिकार नहीं हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे कर्नाटक में 13,988 किसानों के खातों में चुनाव से पहले कर्जमाफी की रकम आई थी, लेकिन चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सारे रुपए निकाल लिए गए हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार ने सिर्फ वोट हासिल करने के लिए खातों में पैसे डाले थे और नतीजे आने के बाद सारी रकम निकलवा ली।

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सरकार ने आरोपों को किया खारिज: कर्नाटक सरकार ने किसानों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि विरोधी दल बेबुनियाद और झूठी अफवाह फैला रही है। सीएम कुमारस्वामी ने मंगलवार (11 जून) को ट्वीट में लिखा कि कर्जमाफी की रकम राष्ट्रीयकृत बैंकों में ट्रांसफर की गई थी। ये बैंक केंद्र सरकार के नियंत्रण में आती हैं। राज्य सरकार द्वारा इस मामले का ऑडिट कराया जाएगा और करोड़ों रुपए बचाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि 14 जून को राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी।

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सर्वे कमिश्नर ने दी यह जानकारी: सेटलमेंट एंड लैंड रिकॉर्ड्स के सर्वे कमिश्नर मुनीष मुदगिल के नेतृत्व में कर्जमाफी योजना लागू की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके तहत सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों से करार किया गया था। इन बैंकों में 12 लाख किसानों ने कर्जमाफी योजना के लिए आवेदन किया था। वहीं, स्क्रूटनी के बाद बैंकों ने साढ़े 7 लाख योग्य किसानों का डेटा दिया था, जिन्हें 3,930 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।

अयोग्य किसानों के खातों से वापस लिया पैसा: राज्य सरकार की एक एजेंसी द्वारा किए गए ऑडिट के मुताबिक, जांच में पाया गया कि बैंकों ने 13,988 अयोग्य किसानों के खातों में भी रकम ट्रांसफर कर दी थी। यह रकम 59.8 करोड़ रुपए थी, जो रिकवर कर ली गई है। मुदगिल ने बताया कि खासतौर पर बनाए गए एक सॉफ्टवेयर से यह ऑडिट किया गया, जिससे यह गड़बड़ी सामने आ गई और टैक्सपेयर्स का पैसा बचा लिया गया।

बकाया रकम का होगा भुगतान: मुदगिल के मुताबिक, राज्य सरकार ने योग्य किसानों का रेगुलर, ओवरड्यू और री-स्ट्रक्चर्ड कर्ज माफ करने का आदेश दिया था। इन सभी कैटिगिरी में योग्य किसानों का बकाया पेमेंट रिलीज किया जा रहा है।

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