ताज़ा खबर
 

Karnataka के गृह मंत्री से बोली लड़की- आपको लाइन में आना चाहिए, मंत्री ने जल्दी दर्शन के लिए तोड़ी थी कतार

शिवरात्रि के दिन उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति बन गई जब मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कर्नाटक के गृह मंत्री एमबी पाटिल को एक लड़की ने लाइन में लगने के लिए कह दिया।

Author Published on: March 5, 2019 12:37 PM
एमबी पाटिल, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

शिव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कर्नाटक के गृह मंत्री एमबी पाटिल के सामने उस समय अजीबोगरीब स्थिति आ गई, जब एक लड़की ने उन्हें मंदिर में जाने के लिए लाइन में लगने के लिए कह दिया। बताया जा रहा है कि पाटिल को एक फ्लाइट पकड़नी थी। ऐसे में उन्हें सीधे दर्शन के लिए वीवीआईपी एक्सेस दिया गया और दर्शन के लिए ले जाया गया था।

यह है पूरा मामला: टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को महाशिवरात्रि पर कर्नाटक के गृह मंत्री एमबी पाटिल  शिव मंदिर में दर्शन करने गए थे। उस दौरान एक लड़की ने कहा, ‘‘हम एक घंटे से लाइन में खड़े हैं। आपको भी कतार में आना चाहिए। आप मंत्री हो सकते हैं, लेकिन आपको भी हम सभी की तरह कतार में खड़े होना चाहिए। आप मंदिर में स्पेशल ट्रीटमेंट की अपेक्षा नहीं कर सकते हैं।’’

गृह मंत्री ने दिया यह जवाब: गृह मंत्री एमबी पाटिल ने लड़की के सवाल पर रुककर माफी मांगी। इसके बाद उन्होंने कहा, ‘‘मैं भी सामान्य जीवन जीना चाहता हूं। इसलिए मैंने तय किया कि मेरे लिए कोई जीरो ट्रैफिक नहीं हो। चूंकि मुझे फ्लाइट पकड़नी थी, इसलिए मैं जल्दी में था। मुझे कुछ महत्वपूर्ण आधिकारिक बैठकों में शामिल होना है और हुबली हवाई अड्डे से फ्लाइट भी पकड़नी है। मैं इन मीटिंग्स को रद्द नहीं कर सकता। इसलिए मुझे जल्दी दर्शन करने पड़े।’’

स्पष्टीकरण से सहमत होकर लड़की ने क्लिक करवाए फोटो : एमबी पाटिल के स्पष्टीकरण से सहमत होकर लड़की ने उनकी तारीफ की। इसके बाद उस लड़की ने गृहमंत्री पाटिल के साथ फोटो भी क्लिक करवाए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Delhi: ऑटो रिक्शा में सफर करना हो सकता है महंगा, अगले हफ्ते से लागू हो सकता है यह किराया
2 BJP की वेबसाइट पर हैकर्स का हमला, हुई ऑफलाइन
3 दिग्विजय सिंह ने पुलवामा आतंकी हमले को बताया दुर्घटना, कहा- भारत सरकार की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल