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राजस्थान में गहलोत vs पायलट 2.0: सिद्धू की 10 दिन में सुन ली, पर हमारे नेता की क्यों नहीं?- बोले सचिन समर्थक; जानें- पूरा मामला

राजस्थान में सचिन पायलट की शिकायतों की सुनवाई न होने पर उनके समर्थक विधायक नाराज, पर अब उन्हें ही तोड़ने की कोशिश में जुटा गहलोत गुट।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र जयपुर | Updated: June 11, 2021 10:58 AM
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से असंतुष्टि के मामले में पूर्व सीएम सचिन पायलट की अब तक कांग्रेस में सुनवाई नहीं हुई है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद जैसे युवा चेहरों के जाने से राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस का नेतृत्व करने वाली अगली पीढ़ी कहे जाने वाले इन दो नेताओं के जाने से पार्टी का संतुलन बिगड़ा है। इतना ही नहीं कांग्रेस के सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा जैसे युवा नेता भी नाराज बताए जा रहे हैं। अब कांग्रेस नेतृत्व अपने बचे हुए नेताओं को मनाने में जुटा है। हालांकि, राजस्थान में सरकार अपने ही विधायकों से उलझी है। राज्य में चल रहे घटनाक्रम पर गौर करें, तो साफ है कि सीएम गहलोत का गुट सचिन पायलट को पूरी तरह शक्तिहीन करने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए पायलट गुट के विधायकों को तोड़ने की रणनीति भी बनाई जा रही है।

जितिन प्रसाद के इस्तीफे के बाद पायलट की सुनवाई की मांग: बताया गया है कि गुरुवार सुबह ही छह विधायक सचिन पायलट से मिलने उनके घर पहुंचे थे। इनमें पूर्व मंत्री और डीग विधायक विश्वेंद्र सिंह भी शामिल रहे। इन विधायकों ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा पायलट की असंतुष्टि पर ध्यान न देने और 10 महीने पहले गठित कमेटी द्वारा उनकी शिकायत की कोई सुनवाई न करने का मुद्दा उठाया। पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी का तो साफ कहना है कि जब पंजाब में सिद्धू की शिकायत 10 दिन में सुनी जा सकती है, तो पायलट की क्यों नहीं?

सोलंकी ने यहां तक कह दिया कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में देरी नहीं करनी चाहिए। उधर एक और नेता मुकेश भाकर ने कहा कि जिन लोगों का पार्टी में योगदान है, उन्हें उनका हक मिलना चाहिए। सुलह कमेटी के सामने आलाकमान ने जो वादे किया, उन्हें पूरा करने में 10 महीने का समय बहुत है। उधर रामनिवास गावड़िया ने कहा कि हम लोग पूरी मजबूती के साथ पायलट के साथ खड़े हैं। हम कांग्रेस में रहकर आवाज उठाते रहेंगे।

पायलट ने दी इंतजार करने की सलाह, गहलोत गुट में हलचल: बताया गया है कि अपने विधायकों के गुस्से को पहचानते हुए पायलट ने उन्हें ‘वेट’ यानी इंतजार करने को कहा। हालांकि, उनके इस ‘वेट’ ने भी राजस्थान में सियासी हलचल बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि सीएम गहलोत का गुट इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पायलट समर्थक विधायकों को तोड़ने की कोशिश में है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एक विधायक को खदानों का लालच देकर कुछ भी बोलने से रोक दिया गया है। उधर एक और विधायक पर राज्य सरकार बड़े ऐक्शन ले रही है, जिससे उनका पूरा परिवार परेशान है।

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