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अब महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश के लिए कोर्ट पहुंचा मामला, दायर की गई जनहित याचिका

केरल उच्च न्यायालय में एक हिंदुवादी संगठन ने बुधवार को जनहित याचिका दायर कर अनुरोध किया की कि वह केंद्र को महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिदों में प्रवेश पाने के वास्ते आदेश जारी करने का निर्देश दे।

Author , कोच्चि | October 11, 2018 10:02 AM
मुस्लिम महिला की प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। EXPRESS PHOTO BY PRAVEEN KHANNA

केरल उच्च न्यायालय में एक हिंदुवादी संगठन ने बुधवार को जनहित याचिका दायर कर अनुरोध किया की कि वह केंद्र को महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिदों में प्रवेश पाने के वास्ते आदेश जारी करने का निर्देश दे। याचिकाकर्ता ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति संबंधी उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले के संदर्भ में समय की मांग है कि मुस्लिम महिला श्रद्धालुओं को भी नमाज के लिए पुरुषों के साथ मस्जिदों में प्रवेश मिले। उसने कहा कि महिलाओं को मस्जिदों में मुख्य उपासना सभागार में प्रवेश और नमाज नहीं पढ़ने देने से उनके साथ भेदभाव किया जाता है।  स्वामी देथात्रेय साई स्वरुप नाथ ने यह याचिका दायर की है। वह अखिल भारत हिंदू महासभा की केरल इकाई के अध्यक्ष हैं।

इससे पहले सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर में 10-50 वर्ष की महिलाओं को प्रवेश देने के संविधान पीठ के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की पीठ ने याचिका खारिज कर दी। पुनर्विचार याचिका पर वहीं न्यायाधीश विचार करते हैं, जिन्होंने फैसला दिया है। नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) व अन्य ने इस सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को वापस लिए जाने के लिए सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
इस बीच केरल सरकार ने कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालया के फैसले को लागू करने के लिए कदम उठाएगी।

वहीं दूसरी ओर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सोमवार को स्पष्ट किया कि प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश का आदेश देने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केरल सरकार पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी।

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