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शिवराज सिंह चौहान पर घोटाले का आरोप लगा रहे थे कंप्‍यूटर बाबा, मंत्री का दर्जा मिलते ही बोले- सब ठीक है

मध्य प्रदेश में राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान की सरकार के प्रति स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा का रवैया अचानक से बदल गया है। इससे पहले उन्होंने मई में नर्मदा संरक्षण को लेकर 'नर्मदा घोटाला रथ यात्रा' निकालने की घोषणा की थी। मंत्री का दर्जा मिलने के बाद इसे भी टाल दिया गया है।

कंप्यूटर बाबा की फाइल फोटो।

भाजपा शासित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा समेत पांच साधुओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। कंप्यूटर बाबा अन्य साधु-संतों के साथ मिलकर नर्मदा नदी के संरक्षण और रखरखाव को लेकर शिवराज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन मंत्री का दर्जा मिलते ही उनके सुर बदल गए हैं। कंप्यूटर बाबा अन्य संतों के साथ मई में ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने वाले थे। अब उनका कहना है कि राज्य में घोटाले का तो सवाल ही नहीं उठता है। उन्होंने शिवराज सरकार को ‘भगवा की सरकार’ करार दिया है। उनके मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया है और जनजागरण समिति का गठन किया है। इसके तहत वह साधु-संतों के साथ मिलकर राज्यभर का दौरा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवराज चौहान की सरकार संतों की सरकार है, इसलिए सरकार के समक्ष मांगें रखी थीं। राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले कंप्यूटर बाबा का कहना है कि सरकार ने बहुत काम किया है।

नर्मदा के लिए काम करने की कही बात: मंत्री का दर्जा मिलने के बाद कंप्यूटर बाबा ने कहा कि वह नर्मदा को स्वच्छ रखने के लिए काम करेंगे और आमलोगों की मदद से नदी के तटों पर पौधारोपण कर हरियाली लाने का काम करेंगे। ‘रिपब्लिक टीवी’ से बात करते हुए कंप्यूटर बाबा ने पर्यावरण के लिए काम करने की बात कही है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करने की बात भी स्वीकार की है। उन्होंने खुद का हेलीकॉप्टर होने की बात से इनकार किया है। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि कहीं आने-जाने के लिए भक्त उन्हें हेलीकॉप्टर मुहैया कराते हैं। कंप्यूटर बाबा के अलावा नर्मदानंद जी, हरिहरा नंज दी, योगेंद्र महंथ जी और भय्यूजी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भाजपा साधु-संत समाज को नाराज नहीं कर सकती है। अगले साल लोकसभा चुनाव भी होना है। राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा की काट में शिवराज सिंह चौहान ने यह कदम उठाया है।

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