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पंजाब: इलेक्‍शन में ड्रग्‍स के इस्‍तेमाल पर चुनाव आयुक्‍त ने मनमोहन सिंह को लिखी थी चिट्ठी, पर नहीं हुई सुनवाई

2012 में तत्कालीन चुनाव आयुक्‍त एसवाई कुरैशी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पंजाब में इलेक्‍शन में ड्रग्‍स के इस्‍तेमाल को लेकर पत्र लिखा था, लेकिन उनके पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

drugs, punjab drugs, drugs in punjab, punjab pollsपंजाब में कई ऐसे लोग हैं जिनके परिवार के किसी ना किसी सदस्य को पुलिस ने पकड़ लिया और फिर बाद में जमानत पर छोड़ दिया। (अपनी बेटी को बचाने की गुजारिश करते हुए जीत कौर को रोना आ जाता है।) (फोटो-एक्सप्रेस)

चार साल पहले 2012 में तत्कालीन चुनाव आयुक्‍त एसवाई कुरैशी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पंजाब में इलेक्‍शन में ड्रग्‍स के इस्‍तेमाल को लेकर पत्र लिखा था, लेकिन उनके पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई। कुरैशी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान ड्रग्स जब्त की बात कही थी। इंडियन एक्सप्रेस को उस पत्र की कॉपी मिली है।

जनवरी-मार्च 2012 में यूपी और पंजाब में एक साथ विधानसभा चुनाव हुए थे। नॉमिनेशन से मतदान तक राज्य पुलिस, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और चुनाव आयोग ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से 2700 किलोग्राम अफीम जब्त हुई की थी। यह मात्रा यूपी में केवल 100 किलो थी। इसके साथ ही इस दौरान 53.555 किलो हिरोईन और 3.79 किलो स्मैक जब्त की गई थी।

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कुरैशी ने मनमोहन को लिखे पत्र में कहा था कि आसानी से उपलब्ध होने वाली दवाओं का इस्तेमाल राज्य में चुनाव के दौरान किया जा रहा है। तीन मई 2012 को कुरैशी ने मनमोहन को लिखे पत्र में कहा था, ‘चुनाव आयोग मीडिया और रिसर्च की उन रिपोर्ट की पुष्टि करता है, जिसमें कहा गया था कि पंजाब ड्रग्स तस्करी का हब बन गया है। 40 फीसदी उच्च शक्तिशाली ड्रग्स यूरोप और नॉर्थ अमेरिका तक भेजी जाती है। सबसे दुर्भाग्य वाली बात यह है कि इसका असर युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ रहा है। चुनाव के दौरान मुफ्त में ड्रग्स बांटी जा रही हैं।’

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उस पत्र के बारे में पूछे जाने पर कुरैशी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हम और क्या कर सकते थे। चुनाव आयोग के कार्यकाल में मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था, जो पंजाब में देखा। मैंने सोचा कि मैंने प्रधानमंत्री के ध्यान में इसे ला दिया है। यह समस्या उग्र रूप धारण ना करे, इसके लिए कदम उठाए जाएंगे।’

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें सिंह की ओर से उस पत्र पर कोई जवाब मिला तो उन्होंने बताया, ‘मुझे केवल यह जानकारी मिली थी कि पत्र प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है। उसके बाद मुझे कुछ भी नहीं मिला।’

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