after Delhi CM Arvind Kejriwal Chief Minister Manish Sisodia Are also going to Vipassana - दिल्ली मेरी दिल्ली: विपश्यना की राह - Jansatta
ताज़ा खबर
 

दिल्ली मेरी दिल्ली: विपश्यना की राह

सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ‘दस दिनों के लिए राजस्थान विपश्यना ध्यान शिविर में जा रहा हूं। मोबाइल, मीडिया, सोशल मीडिया से अगले दस दिनों तक दूर रहूंगा। सभी की भलाई के लिए प्रार्थना’।

Author April 23, 2018 5:07 AM
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया। (फाइल फोटो)

योग की एक पद्धति ‘विपश्यना’ से लोगों का परिचय कराने का श्रेय कुछ हद तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके पार्टी सहयोगियों को जाता है। दिल्ली में सत्तासीन होने के बाद अरविंद केजरीवाल कई बार विपश्यना के लिए जा चुके हैं और उनके नक्शेकदम पर चलते हुए उनके सहयोगी और अन्य मंत्रीगण भी इसमें पीछे नहीं रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विपश्यना की राह पकड़ी। सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ‘दस दिनों के लिए राजस्थान विपश्यना ध्यान शिविर में जा रहा हूं। मोबाइल, मीडिया, सोशल मीडिया से अगले दस दिनों तक दूर रहूंगा। सभी की भलाई के लिए प्रार्थना’। भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रण लेकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी इस दिशा में कुछ कर रही है या नहीं, इस पर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन तनाव दूर करने में मददगार विपश्यना को लोकप्रिय बनाने के लिए केजरीवाल और उनके सहयोगी जरूर याद किए जाएंगे।

नाकामी पर लीपापोती
सेक्टर-18 में बनी बहुमंजिला पार्किंग की नाकामी पर लीपापोती करते हुए उसे सफल बताने के लिए प्राधिकरण साम-दाम-दंड-भेद, हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। डीएलएफ मॉल की पार्किंग में पर्याप्त जगह होने पर भी लोगों को जबर्दस्ती बहुमंजिला पार्किंग भेजा जा रहा है। भेजने वाले निजी सुरक्षाकर्मी नहीं बल्कि यातायात पुलिसकर्मी हैं। शनिवार को डीएलएफ मॉल में राशन खरीदने पहुंचे एक शख्स समेत कई लोगों को जबर्दस्ती बहुमंजिला पार्किंग भेजा गया। उसके यह कहने पर भी कि मॉल से काफी दूर बनी बहुमंजिला पार्किंग तक राशन लेकर आना मुमकिन नहीं होगा, पुलिसकर्मी अपनी ही बात पर अड़ा रहा और बहुमंजिला व डीएलएफ मॉल, दोनों की पार्किंग की जिम्मेदारी एक ही ठेकेदार की बताते हुए मॉल की पार्किंग में कार नहीं ले जाने दी, जबकि मॉल की पार्किंग काडिस्प्ले बोर्ड जगह खाली दिखा रहा था। शख्स ने यह शिकायत सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के व्हाट्सऐप ग्रुप पर दर्ज कराई, लेकिन उसकी सुने कौन?

गायब होते पत्थर
सरकारी काम राम भरोसे। इस कहावत से दिल्ली भी अछूती नहीं रही है। बीते दिनों कुछ ऐसा ही नजारा दिखा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने वाली सड़क पर। यहां डिवाइडर पर लाल पत्थर और सीमेंट के बने खूबसूरत जालीनुमा बाड़ लगाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ डिवाइडर पर लाल पत्थर लगाने का काम पूरा किया जा रहा है तो दूसरी तरफ कुछ लोग इन पत्थरों को गायब करने में लगे हैं। चंद दिनों में ही सड़क से कई-कई मीटर के लाल पत्थर गायब हो गए हैं। निगरानी अधिकारी को जब इसकी जानकारी मिली तो वे आग बबूला हो उठे। फिर क्या था, मरता क्या न करता वाली स्थिति में ठेकेदारों ने डिवाइडरों की मरम्मत करानी शुरू कर दी। किसी ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘करोड़ों का ठेका है। कम से कम कुछ महीने तो काम चले’!

मौके पर चौका
दिल्ली नगर निगम के पदाधिकारी इन दिनों मौका देखकर चौका मार रहे हैं। तीनों नगर निगमों में महीने के अंत तक मेयर, उपमेयर, स्थाई समिति के अध्यक्ष समेत अन्य पदों पर चुनाव होना तय है। निगम में सत्तारूढ़ भाजपा ने इन पदों के उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। फिलहाल जो लोग इन पदों पर विराजमान हैं उनके पास नाममात्र का समय बचा है। लिहाजा वे एक साथ एक ही दिन में इतने काम कर लेना चाहते हैं ताकि लोग उनकी वाहवाही करते रहें। एक निगम की मेयर ने तो एक ही दिन में पुलिस बूथ से लेकर, स्कूल, सड़क, ब्लॉक के उद्यान में डिजाइनर गेट, चारदीवारी, ब्लॉक का नामकरण व मार्केट के मुख्य मार्ग का उद्घाटन तक कर दिया। इस पर विपक्ष के एक पार्षद ने आरोप लगाया कि समय देखकर चौका मारना कोई इनसे सीखे। शिलापट्ट पर तो नाम दर्ज हो ही गया चाहे लोगों को याद रहे या न रहे।
-बेदिल

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App