लखनऊ में गवर्नमेंट रेजिडेंशियल स्कूल की करीब 200 छात्राओं ने सोमवार को शिक्षकों की कमी, खराब गुणवत्ता वाले भोजन और अन्य समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय फॉर गर्ल्स की छात्राएं बारिश के बीच स्कूल के पिछले गेट से बाहर निकलीं और लखनऊ-डब्बगा बाईपास पर बैठकर सड़क जाम कर दी। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के कारण व्यस्त मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं वाहनों के सामने कतार में बैठ गईं, जबकि अन्य ने हाथों में हाथ डालकर ह्यूमन चैन बनाई। छात्राओं ने नारे लगाते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने और अपनी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। पुलिस के समझाने के बाद अधिकांश छात्राएं वहां से हट गईं, लेकिन करीब 50 छात्राएं प्रदर्शन स्थल पर डटी रहीं।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे
स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं को सड़क खाली करने के लिए समझाया। बाद में समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं।
इसके बाद अधिकारियों ने छात्राओं को स्कूल परिसर में वापस ले जाकर उनकी समस्याओं पर चर्चा की। लखनऊ के सहायक पुलिस आयुक्त शुभम कुमार ने बताया कि सड़क को खाली करा लिया गया है और अधिकारी छात्राओं की शिकायतें सुन रहे हैं।
तीन दिन पहले लड़कों ने भी किया था प्रदर्शन
छात्राओं का यह प्रदर्शन 14 अगस्त को इसी विद्यालय के बालक परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के कुछ दिन बाद हुआ है। उस दिन 100 से अधिक छात्रों ने शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर मोहन रोड को जाम कर दिया था।
खास बात यह रही कि उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण का वाहन भी छात्रों के प्रदर्शन के कारण लगे जाम में फंस गया था। मंत्री ने मौके पर छात्रों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनी थीं।
अलग-अलग परिसरों में चलते हैं बालक-बालिका विद्यालय
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के बालक और बालिका वर्ग अलग-अलग परिसरों और भवनों में संचालित होते हैं। दोनों विद्यालयों का संचालन उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के तहत होता है। लगातार सामने आ रहे विरोध प्रदर्शनों ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक दलों ने सरकार पर साधा निशाना
छात्राओं के प्रदर्शन के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि अब छात्र भी अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और इसे शिक्षा व्यवस्था की स्थिति से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल छात्राओं का धरना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की ओर से व्यवस्था पर सवाल है।
दूसरे जिलों में भी हो चुके हैं छात्रों के प्रदर्शन
लखनऊ में सामने आया यह मामला उत्तर प्रदेश में स्कूली छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की व्यापक तस्वीर का हिस्सा है। हाल के महीनों में फतेहपुर, हमीरपुर और कन्नौज समेत कई जिलों में छात्र शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं।
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