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सड़क हादसा मामला: 5 दिन बाद मिली FIR की कॉपी, ‘सजा होगी या नहीं, ऊपरवाला जाने’

कैमरे से एक फुटेज सामने आया है जिसमें दुर्घटना के साक्ष्य दिखाई दे रहे हैं। अभी तक के उपलब्ध फुटेज साफ नहीं हैं पर कहा जा रहा है कि कार चालक दुर्घटना के बाद भी इतना बेखौफ था कि उसने पहले ई-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर दोबारा दत्ता के शरीर पर कार चढ़ाकर फरार हो गया।

Author May 1, 2018 04:56 am
परिजनों का कहना है कि जब पांच दिनों के बाद उन्हें एफआइआर की कॉपी दी जा रही है ऐसे में मामले में आरोपी कितने दिनों में पकड़ा जाएगा। सांकेतिक तस्वीर

ग्रीन पार्क से विकासपुरी अपने घर लौट रहे एक प्रतिष्ठित विज्ञापन कंपनी के अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घटना के पांच दिन बाद दिल्ली पुलिस की नींद खुली है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार किए बगैर खाली हाथ विकासपुरी पुलिस सोमवार सुबह पीड़ित के घर एफआइआर की कापी देने पहुंचती है। बीते बुधवार रात एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी थी। जिस पर बैठे 47 साल के जयदेव दत्ता की मौत हो गई। जयदेव 82 साल के बुजुर्ग पिता केसी दत्ता, दस और छह साल की दो बेटियां और पत्नी तृणा दत्ता को बेसहारा छोड़ गए हैं। जयदेव दत्ता के परिजनों का कहना है कि पुलिस सटीक तरीके से सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो आरोपी गिरफ्त में होगा।

विकासपुरी के डीडीए फ्लैट में उनका परिवार रहता है। रोज की तरह रात करीब 10.30 बजे मेट्रो से जनकपुरी पश्चिमी उतरकर ई-रिक्शा से विकासपुरी अपने घर लौटने थे। विकासपुरी एम-ब्लॉक और केजी ब्लॉक की व्यस्त सड़क पर हुई चालक मोहम्मद आजाद और एक महिला दुर्घटनाग्रस्त हो गए। दोनों कि हालत में है इसका पता दत्ता के परिवार को नहीं है लेकिन परिवार का कहना है कि संभ्रात इलाका होने के कारण यहां अमूमन हर दूसरे घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और इन्हीं कैमरे से एक फुटेज सामने आया है जिसमें दुर्घटना के साक्ष्य दिखाई दे रहे हैं। अभी तक के उपलब्ध फुटेज साफ नहीं हैं पर कहा जा रहा है कि कार चालक दुर्घटना के बाद भी इतना बेखौफ था कि उसने पहले ई-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर दोबारा दत्ता के शरीर पर कार चढ़ाकर फरार हो गया। इधर, विकासपुरी के इंदिरा कैंप की झुग्गी में रहने वाले ई-रिक्शा चालक मोहम्मद आजाद की हालत भी नाजुक है। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में इलाज करा रहे आजाद कुछ बोल नहीं रहे। उसके भी तीन महीने से लेकर ढ़ाई साल तक के तीन बच्चे हैं। आजाद के शरीर की हड्डियों समेत जबरा तक टूट चुका है।

कुछ बोलने की स्थिति में नहीं परिवार
दत्ता परिवार कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। वे पुलिस के रवैए पर भी वे चुप हैं। परिजनों का कहना है कि जब पांच दिनों के बाद उन्हें एफआइआर की कॉपी दी जा रही है ऐसे में मामले में आरोपी कितने दिनों में पकड़ा जाएगा और कितने दिनों में सजा होगी ये ऊपर वाला जाने। उन्होंने कहा कि पुलिस कार और उसके चालक तक पहुंचे तो सुकून मिलेगा कि आखिरकार आरोपी कानून की गिरफ्त में आ गया। यह परिवार बहुत कुछ बोल नहीं पाया लेकिन घर में मातम पसरा हुआ है। इस मामले में एसीपी तिलक नगर हर सुरेंद्र पाल का कहना है कि मौके से साक्ष्य लेकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।

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