आम आदमी पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर किए गए कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया था। खुद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे टॉप AAP नेता इस धरने में पहुंचे थे। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो हो चुका है लेकिन आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।

दरअसल हम ऐसा यूं ही नहीं कह रहे, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने जंतर मंतर पर मीडिया से बातचीत में कहा था कि पंजाब में पिछले चार सालों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था, “अगर पंजाब में कोई पेपर लीक होता है तो मैं, अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान मिलकर पंजाब के शिक्षा मंत्री को हटा देंगे… पंजाब में पिछले चार सालों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।

मनीष सिसोदिया के इस बयान के बाद विपक्षी पार्टियों ने मौके का फायदा उठाया। अब विपक्षी दल AAP सरकार के दौरान कई कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामले उठा रहे हैं। इनमें फार्मेसी ऑफिसर की भर्ती परीक्षा का हालिया मामला भी शामिल है। पंजाब के विपक्षी दल इसी मामले को लेकर हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

पंजाब में गड़बड़ी के कई मामले सामने आए

भगवंत मान, हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया के इन दावों के बावजूद कि ‘AAP सरकार के पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है’, इस दौरान परीक्षा में गड़बड़ी के कई मामले सामने आए हैं। पंजाब पुलिस ने हाल ही में फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से 19 जुलाई को आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में चल रहे एक ‘धोखाधड़ी रैकेट’ का पर्दाफाश किया।

इस मामले में आरोप है कि कुछ उम्मीदवार एग्जाम पेपर की फोटो लेने के लिए परीक्षा हॉल के अंदर पेन कैमरा ले गए थे। ये तस्वीरें WhatsApp के जरिए बाहर मौजूद आरोपियों को भेजी गईं, जिन्होंने कथित तौर पर वायरलेस कम्युनिकेशन के जरिए कुछ उम्मीदवारों को जवाब वापस भेजे। पुलिस के मुताबिक, इसके लिए 3.5 लाख रुपये से लेकर 13 लाख रुपये तक की रिश्वत दी गई थी।

फरवरी 2023 में रद्द हुआ था 12वीं क्लास का एक पेपर

इसके अलावा फरवरी 2023 में राज्य की 12वीं कक्षा की अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। परीक्षा इसलिए रद्द की गई क्योंकि परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही पेपर लीक होने का आरोप लगा था। तब हरजोत सिंह बैंस ने इस मामले की ‘हाई लेवल जांच’ के आदेश दिए।

इसके एक महीने बाद ही पंजाब स्टेट टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET) का पेपर-2 रद्द कर दिया गया था क्योंकि प्रश्न पत्र में कम से कम 50 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर बोल्ड अक्षरों में हाइलाइट किए हुए पाए गए थे। बाद में यह परीक्षा दोबारा आयोजित की गई और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया गया।

जून 2024 में पंजाब एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर्स (ADOs) की भर्ती परीक्षा कथित तौर पर पेपर लीक होने के विवाद में घिर गई थी। कुछ उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी कि एक सीनियर अधिकारी ने पेपर “लीक” करने के लिए 32 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। हालांकि भगवंत मान की सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया था।

विपक्ष लगातार कर रहा हमले

कई कथित पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने X पर एक पोस्ट में कहा,  “मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह दावा कि उनकी सरकार के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता… पिछले 4 सालों में पंजाब में नायब तहसीलदार, PSTET, PSEB कक्षा 12, ADO, PSSSB ग्रुप B और अब 454 फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा से जुड़े कई विवाद सामने आए हैं… सरकार को समस्या से इनकार करने के बजाय जवाब देना चाहिए।”

इसी तरह पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग लगातार भगवंत मान पर हमले बोल रहे हैं। उनका कहना है कि भगवंत मान को हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे के लिए एक टाइमलाइन सेट कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो आप दिल्ली में पाठ पढ़ाते हो, वहीं पंजाब में पालन किया जाना चाहिए। वड़िंग ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अरविंद केजरीवाल ने छात्रों को बधाई दी थी। अब आपकी बारी है कि आप अपने मिनिस्टर को इसी कारण से इस्तीफा दिलवाओ। उन्होंने इस दौरान मनीष सिसोदिया पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया।

संसद में भी हुआ प्रदर्शन

सोमवार को पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग के नेतृत्व में संसद के बाहर पंजाब में कथित तौर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां वड़िंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में छह पेपर लीक हुए। भगवंंत मान को पांच लाख छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरजोत सिंह बैंस को इस्तीफा देना होगा। हम इस मामले को ऐसे ही नहीं खत्म होने देंगे।

भगवंत मान पर बीजेपी की तरफ से हमला बो रहा है। पंजाब बीजेपी के चीफ केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों में मंत्रियों का बचाव करके AAP अपनी ही बेईमानी को उजागर कर रही है। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया, लेकिन पंजाब के मंत्री अपनी कुर्सियों से चिपके हुए हैं। फरीदकोट फार्मेसी परीक्षा घोटाले को लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए।

हरजोत सिंह बैंस का क्या है स्टैंड

हरजोत सिंह का कहना है कि 2026 फॉर्मेसी एग्जाम उनके अंतर्गत नहीं आता। यह पंजाब के हेल्थ मिनिस्टर बलबीर सिंह के विभाग में क्षेत्राधिकार में आता है। उन्होंने कहा कि यह कोई पेपर लीक मामला नहीं है बल्कि चीटिंग से जुड़ा केस है। जो छात्र नकल कर रहे थे, उन्हें तुरंत पकड़ा गया। 

उन्होंने कहा कि वे किसी भी राज्य से जंतर मंतर जाने वाले एकमात्र शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने कहा, “अगर मेरे इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था को फायदा होता है, तो मैं इसके लिए कभी भी तैयार हूं… लेकिन कोई भी झूठे पेपर लीक का दावा करके पंजाब को बदनाम नहीं कर सकता। यह अब ‘उड़ता पंजाब’ नहीं, बल्कि ‘पढ़ता पंजाब’ है।”

बैंस के समर्थन में भगवंत मान ने रविवार को जीरकपुर में कहा कि उनकी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। हाल में नकल करने का एक प्रयास सामने आया लेकिन उसपर सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। इस मामले में लिप्त सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी तरफ मनीष सिसोदिया ने कांग्रेस और बीजेपी पर पंजाब में अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस शिक्षा को समझते ही नहीं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।

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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि जैसे केंद्र में NEET पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उचित थी, उसी तरह पंजाब में हरजोत सिंह बैंस को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।