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संजय राउत को फोन करने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा, याकूब मेनन की क्रब ‘बेचने’ के आरोप में दो पर केस दर्ज

पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी एक जिम-ट्रेनर है और उसने इन धमकी भरे कॉल्स को करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है। उसने लगभग 15 वर्षों तक दुबई में काम किया है।

sanjay raut yakub memon mumbai policeसंजय राउत को धमकी भरे फोन करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। (फाइल फोटो)

संजय राउत को फ़ोन पर जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को महाराष्ट्र एटीएस ने आज कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शनिवार को कहा कि शिवसेना नेता संजय राउत को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने राकांपा प्रमुख शरद पवार के घर को भी उड़ाने की धमकी दी थी। एटीएस ने कहा कि आरोपी इन कॉल्स के लिए तीन अंतरराष्ट्रीय नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था।

आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) के डीसीपी विक्रम देशमाने ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संजय राउत को बार-बार धमकी भरे कॉल और एसएमएस आ रहे थे, जिसके बाद उन्होंने एटीएस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। डीसीपी ने कहा कि आरोपी, पलाश घोष को स्थानीय पुलिस की मदद से कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। एटीएस(ATS) ने बताया, “संजय राउत को कुख्यात दाऊद इब्राहिम गैंग का सदस्य होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति द्वारा अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल के माध्यम से लगातार मारने की धमकियां मिल रहीं थी।” आरोपी ने शरद पवार के आवास को उड़ाने की धमकी देने के अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास पर भी फोन किया था।

पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी एक जिम-ट्रेनर है और उसने इन धमकी भरे कॉल्स को करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है। उसने लगभग 15 वर्षों तक दुबई में काम किया है। वहीं पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने खुद को कंगना का प्रशंसक बताया है।

वहीं दूसरी ओर एक अधिकारी ने बताया कि मुम्बई सीरियल बम ब्लास्ट के एकमात्र दोषी याकूब मेनन, जिसे फाँसी दी गयी थी, की कथित रूप से कब्र बेचने वाले दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। मेनन को नागपुर केंद्रीय जेल में फांसी दी गई थी। उसके बाद मेमन को 30 जुलाई, 2015 को दक्षिणी मुंबई के मरीन लाइन्स स्थित बड़ा कब्रिस्तान में दफनाया गया था। अधिकारी ने कहा “मेमन के एक रिश्तेदार ने मार्च में लोकमान्य तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से शिकायत की थी कि उसकी कब्र बेच दी गई है।”

रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर, आईपीसी की धारा 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य के लिए जालसाजी) के तहत इस वर्ष 19 मार्च को दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों में एक जुमा मस्जिद का ट्रस्टी और दूसरा मस्जिद का प्रबंधक था। बता दें कि जुमा ट्रस्ट के तहत ही मुंबई का बड़ा क़ब्रिस्तान पंजीकृत है।

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