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उत्तर प्रदेश: बलात्कार के आरोपी ने चौथी मंजिल से कूद कर जान दी

इसी मामले में इसने सोमवार को औरैया की अदालत में सर्मपण किया, उसके बाद डाई पीकर जान देने की कोशिश की।
Author इटावा | September 7, 2016 05:16 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर किया गया है।

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी की चौथी मंजिल से कूद कर दलित बालिका के साथ बलात्कार के आरोपी ने जान दे दी। मरने वाले का नाम संजीव यादव उर्फ भाटिया है, जो औरैया जिले के अजीतमल इलाके के भीखेपुर का रहने वाला था। इस घटना से हड़कंप मच गया है। अभी संजीव के आत्महत्या करने की वजह का खुलासा नहीं हो सका। लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि वह सनकी मिजाज का था, क्योंकि इससे पहले भी करीब आधा दर्जन बार वह आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका है। लेकिन उसके प्रयासों को बल नहीं मिल पाया।

सैफई के सीओ विनय चौहान ने मंगलवार को बताया कि सैफई मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल से कूद कर जान देने वाला संजीव यादव उर्फ भाटिया है। इस पर दलित बालिका के साथ बलात्कार का आरोप है। इसी मामले में इसने सोमवार को औरैया की अदालत में सर्मपण किया, उसके बाद डाई पीकर जान देने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि कैदी के आत्महत्या के मामले की जांच के आदेश वरिष्ठ अफसरों की ओर से दे दिए गए हैं। उसी अनुक्रम में स्थानीय पुलिस जांच करने में जुटी हुई है। सोमवार को औरैया की अदालत में सर्मपण करने के दौरान डाई पीकर जान देने की कोशिश करने के बाद उसे उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया था, जहां मेडिकल विभाग में बैड नंबर 16 पर दो पुलिस आरक्षी- आशीष कुमार और संतोष गंगवार की निगरानी में था।

मंगलवार तड़के शौच के बहाने उसे दोनों पुलिस आरक्षी जब शौचालय ले गए तो वह पुलिस को चकमा देकर चौथी मंजिल से कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ऐसा बताया गया है कि उसने पहले भी पांच बार जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। लेकिन नाकामयाब रहा। इसके खिलाफ हत्या के प्रयास और दो दुराचार के मामले समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। जिस मेडिसन वार्ड में संजीव को भर्ती किया गया था, उसी के पास वाले बेड पर पूर्व सैनिक रामनिवास भी अपने मरीज की देखभाल के लिए अस्पताल में रुके हुए हैं। उनका कहना है कि संजीव ने रात में चार या पांच बार पेशाब के बहाने उठ कर गया। लेकिन तब मैं यह नहीं समझ पाया कि उसका इरादा क्या था। औरैया से पुलिस हिरासत में संजीव को लाने वाले पुलिस आरक्षी आशीष कुमार तिवारी का कहना है कि उसने पहले औरैया अदालत में ही डाई पीकर जान देने की कोशिश की। लेकिन औरैया में बेहतर इलाज नहीं मिल पाया तो उसको सैफई के मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया। सुबह चार बजे के आसपास उसने शौच के लिए कहा, उसके बाद उसको हथकड़ी में ही शौचालय ले जाया गया। लेकिन शौचालय में फ्लैश चला कर उसने गुमराह किया। काफी देर तक फ्लैश के चलते रहने के बाद जब दरवाजे को खोला गया तो वह वहां पर नहीं था। लेकिन नीचे देखने के बाद संजीव नीचे मरा हुआ पड़ा मिला।

 

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