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DCW में नियुक्ति मामले में ACB ने किया दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को तलब

एसीबी ने पहले स्वाति मालीवाल के खिलाफ आयोग की भर्तियों में कथित अनियमितता मामले में 21 सितंबर को एफआईआर दर्ज की थी।
Author नई दिल्ली | October 7, 2016 16:09 pm
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया। (File Photo)

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली महिला आयोग में कथित भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में समन किया है। एसीबी के प्रमुख मुकेश मीणा ने बताया कि सिसोदिया से 14 अक्तूबर को पूछताछ होगी। इससे पहले एसीबी ने दिल्ली महिला आयोग की पूर्व प्रमुख बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत के आधार पर इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आयोग की मौजूदा प्रमुख स्वाति मालीवाल का नाम लिया था। केजरीवाल ने इस मामले में ‘षडयंत्र’ का भंडाफोड करने की बात की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर प्राथमिकी दर्ज करायी गई है। इस संबंध में 30 सितम्बर को दिल्ली विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया गया था लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस मामले में यह कहते हुए कोई ब्यौरा देने से परहेज किया कि यह समय उचित नहीं है क्योंकि सेना ने गत रात्रि नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों पर लक्षित हमले किए थे।

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बता दें, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ आयोग की भर्तियों में कथित अनियमितता मामले में 21 सितंबर को एफआईआर दर्ज की थी। मालीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने संबंधी धाराएं लगाई गई थीं। मालीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13, भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 120 बी (आपराधिक साजिश रचने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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डीसीडब्लू की पूर्व प्रमुख बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर एसीबी मामले में जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस ने स्वाति मालीवाल से पूछताछ भी की है। एसीबी के मुताबिक वह इस मामले की तीन-चार महीने से जांच कर रही है। जांच में पाया गया कि नियुक्तियों में उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। जांच में कुल 91 नियुक्तियां उचित प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं पाई गईं। अपनी शिकायत में पूर्व प्रमुख बरखा सिंह ने 85 लोगों को नाम दिया था और दावा किया था कि उन्हें अनिवार्य योग्यता के बिना डीसीडब्लू में नौकरी दी गई।

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