हेड कांस्टेबल रमेश कुमार को सेंट्रल दिल्ली के व्यस्त तुगलक रोड गोल चक्कर पर ड्यूटी संभालने से पहले अपने नए एयर-कंडीशंड हेलमेट दिया गया है। यहां उन्हें तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच ट्रैफिक प्रबंधन के लिए तैनात किया गया है। तपती सड़क से उठने वाली गर्मी इतनी तेज होती है कि कुछ ही मिनटों में वर्दी पसीने से भीग जाती है। लेकिन कुमार का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से टेस्टिंग के तौर पर शुरू किए गए ये कूलिंग डिवाइस उन्हें इस भीषण गर्मी से कुछ राहत दे रहे हैं।
हेलमेट के अलावा, अधिकारियों को गर्मी से निपटने के लिए पोर्टेबल फैन भी दिया गया है। रमेश कुमार दिल्ली के उन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों में शामिल हैं जो इन दिनों राजधानी की भीषण गर्मी से निपटने के लिए पोर्टेबल कूलिंग डिवाइस, बैटरी से चलने वाले पंखों और एयर-कंडीशंड हेलमेट को टेस्ट कर रहे हैं।
ट्रायल के लिए अलग-अलग एरिया में बांटे जा रहे एसी हेलमेट
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन डिवाइसेज को टेस्टिंग के तौर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में तैनात पुलिसकर्मियों को दिया गया है ताकि लंबे समय तक बाहर ड्यूटी के दौरान उनकी उपयोगिता और प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।
अधिकारी ने कहा, ”ट्रायल के तौर पर इन्हें शहर के अलग-अलग स्थानों पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों को वितरित किया गया है। ज़मीनी स्तर पर ड्यूटी कर रहे अधिकारियों से इसका फीडबैक लिया जा रहा है।”
उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल इन डिवाइसेज को उन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बीच बांटा गया है जहां ट्रैफिक व्यवस्था का दबाव सबसे अधिक रहता है।
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब दिल्ली भीषण गर्मी की चपेट में है और इस गर्मी में शहर के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। घंटों तक खुले मे ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मी जो चौराहों पर खड़े होकर धुएं और गर्म हवाओं के बीच यातायात नियंत्रित करते हैं, इस झुलसाने वाली गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
रमेश कुमार को दिया गया AC हेलमेट हल्का है जिसका वजन लगभग 500 से 600 ग्राम है। यह बैटरी से चलने वाला और रिचार्जेबल डिवाइस है। ट्रायल से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह एक बार चार्ज होने पर लगभग 8 से 10 घंटे तक काम कर सकता है।
कुमार कहते हैं, ”सीधी धूप में यह निश्चित रूप से मदद करता है। इसकी वेंटिलेशन और एयरफ्लो प्रणाली चेहरे और सिर के आसपास की गर्मी को कम करती है।”
छोटे कूलिंग और वेंटिलेशन सिस्टम
ये AC हेलमेट पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण किए जा रहे हैं। इनमें छोटे कूलिंग और वेंटिलेशन सिस्टम लगाए गए हैं जिन्हें लंबे समय तक धूप में ड्यूटी के दौरान गर्मी कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस पहल पर मनीष कुमार ने कहा, ”यह अभी प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट स्तर पर है। हम इसकी कार्यक्षमता और इस्तेमाल में आसानी की जांच कर रहे हैं।”
कूलिंग डिवाइसेज के साथ-साथ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने न्यू दिल्ली ट्रैफिक सर्कल में हाइड्रेशन वैन भी तैनात की हैं ताकि बाहर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड रह सकें।
इन वैन में ORS घोल और नींबू पानी रखा गया है जो उन ड्यूटी पॉइंट्स पर पहुंचाए जाते हैं जहां पुलिसकर्मी वाहन और पैदल यातायात को नियंत्रित कर रहे होते हैं। ये हाइड्रेशन वैन गर्मियों के चरम महीनों में डिहाइड्रेशन, थकान और हीट एक्सॉशन से जूझ रहे पुलिसकर्मियों को काफी राहत दे रही हैं।
