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आक्सीजन के अभाव में तड़पकर मर गया मरीज, डॉक्टर ने वीडियो बनाकर अपने ही अस्पताल की खोली पोल

राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में एक चिकित्सक ने गजब की हिम्मत दिखाई। आक्सीजन के अभाव में तड़पकर मरीज की मौत हुई तो अंदर से हिले डॉक्टर ने वीडियो बनाकर अस्पताल की लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर किया।

सवाई मानसिंह हास्पिटल( फाइल फोटो)

अक्सर देखा जाता है कि मरीजों की मौत के बाद स्टाफ अस्पताल की गड़बड़ियों पर पर्दा डालने में जुट जाता है। मगर राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में एक चिकित्सक ने गजब की हिम्मत दिखाई। आक्सीजन के अभाव में तड़पकर मरीज की मौत हुई तो अंदर से हिले डॉक्टर ने वीडियो बनाकर अस्पताल की लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर किया। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रशासन ने बाद में प्रेस कांफ्रेंस कर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। पत्रकारों से अस्पताल का निरीक्षण करवाकर सब कुछ डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश हुई।
मंगलवार( छह जनवरी) को अस्पताल में आक्सीजन की कमी से एक मरीज की मौत हो गई थी। मरीज की हालत को देखते हुए ऑक्सीजन लगाने की सख्त जरूरत थी, मगर सप्लाई का नोजल टूटने से मरीज को समय पर ऑक्सीजन नहीं लगी। जिससे तड़पकर मरीज गोवर्धन ने दम तोड़ दिया। इस घटना से उपचार में लगे चिकित्सक मुकेश महला को हिला दिया। उन्होंने एक वीडियो शूट कर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोल दी। बताया कि किस तरह सुविधाओं के अभाव में मरीजों को परेशानी हो रही है। अगर ऑक्सीजन सप्लाई की नोजल ठीक होती तो मरीज की जान बच सकती थी। चिकित्सक ने वीडियो में बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों के लिए लाइफ सेविंग में काम आने वाले उपकरण तक नहीं है। हालात यह है कि इमरजेंसी में 10 ऑक्सीजन पाइंट लगे हुए हैं, लेकिन मात्र तीन ऑक्सीजन पाइंट पर नोजल लगे हुए हैं। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव मुकेश महला का यह वीडियो वायरल हो गया तो अस्पताल प्रशासन की मानो सांस फूलने लगीं। आनन-फानन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर यू एस अग्रवाल, एडिशन प्रिंसिपिल डॉ एसएम शर्मा, अस्पताल के अधीक्षक डॉ डीएस मीणा और अतिरिकत अधीक्षक समेत चिकित्सकों ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर पत्रकारों को आश्वस्त करने की कोशिश की सब कुछ अस्पताल में दुरुस्त है।

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