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योग दिवस के दिन हो सकती है छुट्टी की घोषणा, अनिवार्य नहीं होगा ‘ओउम’ का उच्चारण करना

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून मंगलवार को पड़ रहा है जबकि पिछले वर्ष यह रविवार को था।
Author नई दिल्ली | June 9, 2016 04:54 am
21 जून को विश्‍व योग दिवस मनाया जाता है।

केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने बुधवार को कहा कि आयुष मंत्रालय केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने का आग्रह कर सकता है, अगर इस बारे में कोई आग्रह आता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को पड़ता है। द्वितीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह से पहले नाइक ने कहा कि अगर ऐसी कोई मांग आती है तो उनका मंत्रालय उस पर विचार करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापक जनहित में इसे बढ़ावा देने के लिए इस बारे में आग्रह करेगा।

‘समग्र स्वास्थ्य के लिए योग- सामयिक शोध’ विषय पर नेशनल हेल्थ एडिटर्स कांफ्रेंस के दौरान नाइक ने कहा कि योग का समय सुबह होता है। यह करीब 8 बजे तक चलेगा। छुट्टी की कोई जरूरत नहीं है लेकिन अगर मांग आती है तो हम इस बारे में सरकार से आग्रह करेंगे। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून मंगलवार को पड़ रहा है जबकि पिछले वर्ष यह रविवार को था। उन्होंने समारोह के दौरान ‘ओम’ के उच्चारण को लेकर विवाद को खारिज करते हुए कहा कि इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। केंद्रीय आयुष मंत्री ने कहा- जब भी कोई अच्छा काम होता है तब हमेशा कुछ विरोध होता ही है। इस वर्ष कोई विरोध नहीं हुआ है। हमने इसे अनिवार्य नहीं बनाया है। ओम के बिना योग पूर्ण नहीं हो सकता है। हमने इसका विरोध करने वालों को समझाया और ऐसा लगता है कि वे इसे समझ गए हैंं। नाइक ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है, किसी ने ऐसी मांग नहीं की है। पिछले वर्ष भी ऐसी कोई मांग नहीं आई थी। लेकिन अगर मांग आती है तो मैं प्रधानमंत्री से इस बारे में आग्रह करूंगा। इस बारे में एक विवाद उस समय उत्पन्न हो गया था तब यूजीसी के दिशानिर्देश में विश्वविद्यालयों एवं कालेजों को योग के बारे में आयुष मंत्रालय के प्रोटोकाल का पालन करने को कहा गया था। जो ओम से शुरू होता है और इसमें संस्कृत के भी कुछ श्लोक हैं। सरकार और भाजपा दोनों ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि पिछले वर्ष का ही प्रोटोकाल लागू है और कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मंत्रालय ने पहले कहा था कि कि ओम का उच्चारण अनिवार्य नहीं है। ‘सूर्य नमस्कार’ के बारे में उठे विवाद के बारे में पूछे जाने पर मंत्रालय ने कहा कि सूर्य नमस्कार आसन पिछले वर्ष भी नहीं था और इस बार भी नहीं है। यह जटिल है। जिन लोगों के लिए यह नया है उनके लिए इसे 45 मिनट में करना कठिन है। इसलिए इसे नहीं लिया है।

आयुष मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि योग इस बार विभिन्न स्कूलों में छठी से 10वीं कक्षा के शरीरिक गतिविधि सत्रों में शामिल किया गया है लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। नाइक ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का परिपत्र सभी स्कूलों को जारी किया गया है जिसमेंं योग को शामिल करने की बात थी, कई स्कूलों ने इसे अपनाया जबकि कई अन्य में कार्य जारी है।

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