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झारखंड की इनामी महिला तस्कर दिल्ली से गिरफ्तार, नौकरी के लालच में फंसती थीं लड़कियां

एएटीएस को जानकारी मिली कि इनके खिलाफ सिमडेगा थाना के मानव तस्करी विरोधी शाखा में मामला दर्ज है और पुलिस को पांच साल से इनकी तलाश है।

पश्चिमी जिला पुलिस के वाहन चोर निरोधक दस्ते (एएटीएस) ने झारखंड की एक इनामी महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। झारखंड पुलिस ने महिला पर 25 हजार रुपए के इनाम की घोषणा कर रखी थी। गिरफ्त में ली गई महिला की पहचान सिमडेगा की 42 साल की प्रभा मुनि के रूप में हुई है। महिला पर आरोप है कि वह एक फर्जी संस्था की आड़ में मानव तस्करी करती थी। वह लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली लाती थी और बाद में उन्हें बेच देती थी। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है

जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज मुताबिक, एएटीएस को सूचना मिली थी कि झारखंड की प्रभा मुनि व उसका पति रोहित मुनि पंंजाबी बाग इलाके में छिपकर रह रहे हैं। एएटीएस को जानकारी मिली कि इनके खिलाफ सिमडेगा थाना के मानव तस्करी विरोधी शाखा में मामला दर्ज है और पुलिस को पांच साल से इनकी तलाश है। दोनों पर वहां 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम बनाई गई, जिसे सूचना मिली कि ये दोनों पश्चिमी पंजाबी बाग के इलाके में रहने वाली गरीब लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं। ये ऐसी लड़कियां होती हैं जो रोजगार की तलाश में दिल्ली आती हैं। 23 सितंबर को एएटीएस के इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पश्चिमी पंजाबी बाग में इनके ठिकाने के पास जाल बिछाया और प्रभा मुनि को पकड़ लिया। उपायुक्त ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने फरार होने की बात स्वीकार ली।

उसने बताया कि वो मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली है और दो दशक पहले दिल्ली आई थी। यहां उसकी मुलाकात रोहित से हुई जोकि बिहार का रहने वाला है और शकरपुर में प्लेसमेंट एजंसी चलाता था। दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद इन्होंने दिल्ली में घरेलू सहायिकाओं से जुड़ा काम शुरू किया। ये दोनों झारखंड के पिछड़े इलाकों से लड़कियों को ढूंढकर लाते थे। उन्हें पैसों का लालच दिया जाता था और वे आरोपियों इनके झांसे में आ जाती थीं।