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महिला कार्यकर्ता के आत्महत्या करने के बाद निशाने पर आम आदमी पार्टी

दिल्ली सरकार ने खुदकुशी के मामले में जिला मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह हादसा आप सरकार के स्त्री विरोधी चरित्र को दर्शाती है।

Author नई दिल्ली | July 21, 2016 5:17 AM
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल। (फाइल फोटो)

बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके में आम आदमी पार्टी की महिला कार्यकर्ता ने जहरीला पदार्थ खाकर मंगलवार को खुदकुशी कर ली। लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में दम तोड़ने से पहले पीड़िता ने परिजनों से अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए इंसाफ के लिए लड़ने को कहा था। महिला की एफआइआर पर आरोपी आप का कार्यकर्ता गिरफ्तार किया गया था। मामला तूल पकड़ने पर दिल्ली प्रदेश आप संयोजक के समक्ष आरोपी ने माफी मांगी थी लेकिन उसने महिला के साथ घिनौनी करतूतें करनी जारी रखीं। महिला की मौत के खिलाफ नरेला में स्थानीय लोगों ने बुधवार को रास्ता रोक कर प्रदर्शन किया। दिल्ली सरकार ने खुदकुशी के मामले में जिला मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह हादसा आप सरकार के स्त्री विरोधी चरित्र को दर्शाती है।

मातावाली गली ब्रह्मकुमारी आश्रम रोड नरेला में रहने वाली व पेशे से कास्मेटिक की दुकान करने वाली पीड़िता सोनी ने जून में ही नरेला थाने में आरोपी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। एफआइआर में सोनी ने लिखा था कि 31 दिसंबर, 2015 से ही आरोपी युवक रमेश भारद्वाज ने उसका जीना हराम कर दिया था। आप के बकौली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भारद्वाज की गाड़ी पर बैठ कर गई सोनी को उसने कई प्रलोभन दिए। साथ ही आरोपी ने पीड़िता पर समझौता करने का दबाव डाला था। सोनी ने कहा था कि स्थानीय विधायक का नजदीकी होने का दावा करने वाले भारद्वाज ने समझौता से मना करने पर धमकियां दी थीं। सोनी ने इस बात को पार्टी के स्तर पर भी उठाया था। एफआइआर में पीड़िता ने लिखा था कि दिल्ली प्रदेश पार्टी के संयोजक दिलीप पांडेय के सामने जब यह बात आई तो उन्होंने दोनों को बुलाया। वहां आरोपी भारद्वाज ने माफी तो मांग ली, लेकिन उसका घिनौना करतूत करना जारी रहा। सोनी ने महिला आयोग से भी शिकायत की। पुलिस को उसने कहा था कि उसकी एक बेटी है। उसे डर है कि आरोपी उसको और उसकी बेटी के साथ कभी भी कुछ भी कर सकता है। इन शिकायतों और पुलिस में दर्ज एफआइआर पर क्या कार्रवाई हुई, इसका किसी को पता नहीं चला।

महिला के परिवार के सदस्यों ने बुधवार को आरोप लगाया कि सोनी ने अपने साथ हो रही छेड़छाड़ के खिलाफ कार्रवाई के लिए काफी जद्दोजहद की। हालांकि जब उसे यह पता चला कि आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया तो वह अवसाद में आ गई। उसने जिंदगी से हार कर खुदकुशी कर ली। जहरीला पदार्थ खाने के बाद सोनी को पहले राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला गंभीर होने पर उसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में रेफर कर दिया गया। उसने मंगलवार रात को इलाज के दौरान ही इस अस्पताल में दम तोड़ दिया।

उसके मरने की सूचना फैलते ही भारी संख्या में स्थानीय लोग बुधवार सुबह नरेला में जमा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। इस मामले में भाजपा के विजेंद्र गुप्ता और आम आदमी पार्टी के आशुतोष, संजय सिंह और दिलीप पांडेय भी सामने आ गए और मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया गया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोनी की खुदकुशी के मामले में मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। उत्तरी जिले के डीएम जांच करेंगे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि महिला कई महीने से अपने उत्पीड़न का मुद्दा उठा रही थी लेकिन आप नेताओं ने इसे दरकिनार किया। उन्होंने कहा कि यह घटना आप सरकार के महिला विरोधी चरित्र को दर्शाती है। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने बुधवार को सोनी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने का एलान किया। हालांकि आप के प्रवक्ता दीपक वाजपेयी ने कहा कि किसी भी शिकायत में विधायक के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है, जिस व्यक्ति पर महिला को परेशान करने का आरोप है, उसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।

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