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आमेर ने देख लिया था कुछ बुरा होने वाला है

रात साढ़े 11 बजे के आस-पास जब पास की दुकान से डीटीसी चालक हक्कीमुद्दीन सामान लेने गए थे तो उनके साथ उनका पांच साल का बेटा आमेर भी था। वह दुकान की ओर मुंह करके खड़े थे और आमेर उनके विपरीत मुंह करके खड़ा था। जब हमलवारों ने गोलियां बरसाईं तो उससे पहले उनके पांच साल के बेटे मोहम्मद आमेर ने हत्यारों को देख लिया था।

Author नई दिल्ली | Updated: April 2, 2019 12:49 AM
(प्रतीकात्मक तस्वीर- इंडियन एक्सप्रेस)

निर्भय कुमार पांडेय 
रात साढ़े 11 बजे के आस-पास जब पास की दुकान से डीटीसी चालक हक्कीमुद्दीन सामान लेने गए थे तो उनके साथ उनका पांच साल का बेटा आमेर भी था। वह दुकान की ओर मुंह करके खड़े थे और आमेर उनके विपरीत मुंह करके खड़ा था। जब हमलवारों ने गोलियां बरसाईं तो उससे पहले उनके पांच साल के बेटे मोहम्मद आमेर ने हत्यारों को देख लिया था। हमलावर मोटरसाइकिल खड़ी कर जो साजिश रच रहे थे वह आमेर देख तो रहा था लेकिन अपने पिता को कुछ कह पाता उससे पहले हमलावरों ने दनादन गोलियां चला दीं। आमेर ने रोते हुए बताया कि उसे कुछ समझ में ही नहीं आया कि ये क्या हो रहा है। पिता के शरीर से खून निकलता देख वह रोने लगा। इसी बीच उसकी 8 साल की बहन अलीशा ने वहां से गुजर रहे लोगों को इस बारे में बताया। दोनों बच्चे बिलख-बिलख कर अपने पिता को उठाने की कोशिश करते रहे लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले हक्कीमुद्दीन दम तोड़ चुके थे। उनके पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें कई गोलियां लगी थी। गोली लगने की वजह से घटनास्थल पर खून ही खून फैल गया था। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था।

हक्कीमुद्दीन की पत्नी शहाना का आरोप है कि एक साल पहले हक्कीमुद्दीन के चचेरे भाई शहजाद ने अपने एक रिश्तेदार की बेटी से प्रेम विवाह किया था। हक्कीमुद्दीन इस शादी के विरोध में थे। इस बात को लेकर शहजाद की कुछ लोगों से लड़ाई भी हुई थी और गोलियां भी चली थीं। गोली चलने की वजह से एक राहगीर सलमान की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने तभी शहजाद को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल शहजाद इन दिनों जेल में है। आरोप है कि उनकी पति की हत्या में शहजाद और उसके परिवार वालों का हाथ हो सकता है।  वहीं, उत्तरी-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त कहना है कि फिलहाल मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। इस मामले में पुलिस की कई टीम हमलावरों की तलाश कर रही है।

दो महिलाएं भी हो सकती है शामिल
शहाना का कहना है कि वारदात के समय घटनास्थल के आस-पास मौजूद लोगों ने उन्हें बताया है कि हमलावर स्कूटी और मोटरसाइकिल पर थे और उनमें दो महिलाएं भी थीं। ये महिलाएं कौन थीं, इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। पुलिस भी इस मामले में कुछ नहीं बता पा रही है। शहाना का कहना है कि अब परिवार के सामने जीवनयापन की समस्या पैदा हो गई है। चार बेटियों और दो बेटे के पढ़ाई-लिखाई और घर का खर्च कैसे चलेगा?

गोलियों की आवाज सुन सहमे लोग
देर रात अचानक से ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम उठे। लोगों के बीच इस बात को लेकर दशहत थी कि कहीं इलाके में गैंगवार तो नहीं हो गया। लोग घरों से बाहर निकले तब तक हमलवार फरार हो गए थे। मौके पर पहुंचने पर लोगों ने पाया कि हक्कीमुद्दीन खून से लथपथ हालत में गली में पड़े हैं और बच्चे पिता को उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

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