आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने रविवार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को एक पत्र भेजकर उच्च सदन के उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है, जिन्होंने हाल ही में आप छोड़कर बीजेपी में विलय की घोषणा की है। सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राज्यसभा के सात सदस्यों द्वारा उठाया गया कदम दल-बदल के समान है। उन्होंने कहा कि सदस्यों का कदम संबंधित कानून के प्रावधानों के खिलाफ है।
आम आदमी पार्टी ने पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों की सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध राज्यसभा सभापति से किया है और दावा किया है कि वे (सांसद) आप की टिकट पर उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया।
आम आदमी पार्टी को लगा बड़ा झटका
आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है।
आप ने कपिल सिब्बल से किया परामर्श
संजय सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि इस तरह के दल-बदल विशेष रूप से पंजाब में जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है और संविधान की भावना के भी खिलाफ है। पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं। सिंह के अनुसार, आप ने इस मामले पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और लोकसभा के एक पूर्व महासचिव सहित संविधान विशेषज्ञों से परामर्श किया है और यह साफ है कि कानून के तहत ये सांसद अयोग्य घोषित किए जाने के पात्र हैं। सिंह ने कहा, ”इन सदस्यों को आप ने चुना था और बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का विकल्प चुना। यह पंजाब की जनता और भारत के संविधान के साथ विश्वासघात है।”
दल-बदल पर भड़के अन्ना हजारे
राघव चड्ढा सहित आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के बगावत करके बीजेपी में जाने के ऐलान को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे का एक नया बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने दल-बदल के बढ़ते चलन की तीखी आलोचना की है। अन्ना हजारे ने मांग की कि दल-बदल के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाया जाए, जिससे जनता के साथ धोखा न हो। पढ़ें पूरी खबर…
