A Rickshaw puller allegedly died of starvation jharkhand Dhanbad - झारखंड: रघुबर दास के राज में भूख से रिक्‍शा चालक की मौत, परिवार का आरोप - Jansatta
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झारखंड: रघुबर दास के राज में भूख से रिक्‍शा चालक की मौत, परिवार का आरोप

झारखंड के धनबाद में एक रिक्शा चालक की मौत होने के बाद उसके परिवार वालों का कहना है कि उसकी मौत भूख के कारण हुई है।

झारखंड में रिक्शा चालक की भूख से मौत (फोटो सोर्स- ANI Twitter)

झारखंड के सिमडेगा में 11 साल की बच्ची की भूख के कारण मौत होने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और ऐसा ही मामला सामने आता दिख रहा है। झारखंड के धनबाद में एक रिक्शा चालक की मौत होने के बाद उसके परिवार वालों का कहना है कि उसकी मौत भूख के कारण हुई है, वहीं जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रिक्शा चालक पिछले महीने से ही बीमार था और बीमारी की वजह से ही उसकी मौत हुई है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास के राज में हाल ही में भूख की वजह से हुई मौत का यह दूसरा मामला है। 45 साल के रिक्शा चालक बैजनाथ रविदास की मौत शुक्रवार की शाम को उसके घर ताराबागन में हुई। बैजनाथ की पत्नी पार्वती देवी का कहना है कि उसके पति की मौत भूख की वजह से हुई है, क्योंकि उसने पिछले दो दिनों से खाना नहीं खाया था और परिवार के पास दवाइयां खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे।

पार्वती ने संवाददाताओं को बताया कि उसके घर में पिछले दो दिनों से चूल्हा नहीं जला था, क्योंकि घर में खाने के लिए कुछ नहीं था और बैजनाथ ने भूख के आगे घुटने टेक दिए। बैजनाथ के पांच बच्चे हैं- बड़े बटे रवि की उम्र 20 साल है, सूरज 14 साल, नीरज 10 साल, सुमन 16 साल और सुलेखा 8 साल की है। सोशल मीडिया के माध्यम से जब ये खबर धनबाद डिप्टी कमिशनर ए डोड्डे तक पहुंची तो परिवार को तुरंत 20 हजार रुपए की मदद दी गई और 50 किलो अनाज भी दिया गया। डोड्डे ने बताया कि बैजनाथ पिछले एक महीने से बीमार था और जब उसकी मौत की खबर पुलिस को मिली तो जांच की गई. जांच में सामने आया कि बैजनाथ की मौत बीमारी की वजह से हुई थी, भूख से नहीं। बैजनाथ के परिवार का कहना है कि बैजनाथ ने अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। हालांकि परिवार के सभी सदस्यों के पास आधार कार्ड है।

बैजनाथ के पड़ोसियों का कहना है कि उसे सांस की समस्या थी और वह पिछले महीने से बीमार था। स्थानीय डॉक्टर ने उसे दवाइयां भी लिखी थीं। बता दें कि बैजनाथ की पत्नी घर-घर जाकर काम करती है और बड़ा बेटा रवि अपने नाना के पास गया में रहता है। वहीं बाकी बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बैजनाथ की मौत बीमारी की वजह से हुई है। प्रशासन ने बताया कि बैजनाथ के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका क्योंकि उसके परिवार वालों ने बिना जानकारी दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

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