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अरुणाचल प्रदेश: नाबालिग लड़की ने खुद को बाल विवाह के बंधन से आजाद किया

जेरोनी और पिंचे, पुरोइक्स नाम के एक ऐसे समुदाय से संबंध रखते हैं जो कि वर्षों से हाशिये पर हैं।

Author इटानगर | June 24, 2016 4:33 PM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में 13 वर्षीय एक लड़की ने अपने साहस से खुद को जबरन की गयी शादी के बंधन से आजाद कर लिया । यह प्रथा आज भी राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में व्याप्त है।  महिला कल्याण संगठन के पूर्वी कामेंग इकाई की महासचिव, पूजा सोनम नातुंग के अनुसार जेरोनी टावो ने महिला कल्याण संगठन की मध्यस्थता से पिछले मई को अपनी शादी समाप्त कर ली। उसकी शादी 2013 में हुई थी।

जेरोनी, शादी के बंधन से आजाद होने में मदद के लिए इस साल की शुुरूआत में अपने गांव से घने जंगलों से गुजरते हुए संगठन के उपनिदेशक के कार्यालय तक पहुंचीं ।  नातुंग ने बताया कि जेरोनी के लिए मुश्किलों की शुरुआत 2008 में ही हो गई थी जब वह सिर्फ पांच वर्ष की थी। उस समय उसके माता-पिता ने उसकी शादी उसकी उम्र से कहीं अधिक उम्र के व्यक्ति के साथ करने का निर्णय कर लिया था। उसकी शादी तालिंग पिंचे नाम के व्यक्ति के साथ 2013 में हुई थी।

पिछले वर्ष बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ पूर्वी कामेंग जिले में महिला कल्याण संगठन ने एक जागरूकता अभियान चलाया था जिससे प्रेरित होकर जेरोनी तावो ने यह साहसिक निर्णय लिया। नातुंग ने बताया कि पिछले मई की सुबह 13 वर्षीय जेरोनी अपने घर से उस समय भाग गई थी जब घर में हर कोई सो रहा था। संगठन और पूर्वी कामेंग सामाजिक सांस्कृतिक कल्याण संगठन ने इस विवाह के बंधन से जेरोनी को आजाद कराने के लिये बातचीत शुरू की । तालिंग पिंचे ने भी शादी को तोड़ने के अपनी पत्नी के फैसले का सम्मान किया और उसने इस निर्णय को स्वीकार किया। जेरोनी और पिंचे, पुरोइक्स नाम के एक ऐसे समुदाय से संबंध रखते हैं जो कि वर्षों से हाशिये पर हैं।

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