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शताब्दी ट्रेन में शराबी ने की थी छेड़छाड़, पीड़िता ने ट्विटर पर बताई सबक सिखाने की कानूनी प्रक्रिया

ट्विटर यूजर्स ने युवती को सशक्त महिला और योद्धा कहकर उसकी तारीफ की। वहीं कुछ लोगों ने कानूनी प्रक्रिया का जानकारी देने के लिए शुक्रिया अदा भी किया। युवती ने चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया समझाई है।

Author नई दिल्ली | July 18, 2019 1:00 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रीमियम ट्रेन शताब्दी में यात्रा के दौरान छेड़छाड़ की शिकार हुई एक लड़की ने न सिर्फ दोषी को सबक सिखाया बल्कि इसके लिए अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर दी। शराब के नशे में यात्रा कर रहे एक सहयात्री ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। ट्विटर यूजर्स ने लड़की की हिम्मत के साथ-साथ उसकी जागरूकता की भी तारीफ की। जागरूकता बढ़ाने वाला यह ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की के ट्वीट को अब तक 3 हजार से ज्यादा बार रि-ट्वीट किया जा चुका है, वहीं 4100 से ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है।

स्टेप-बाय-स्टेप समझिए पूरी प्रोसेसः ट्विटर यूजर्स ने युवती को सशक्त महिला और योद्धा कहकर उसकी तारीफ की। वहीं कुछ लोगों ने कानूनी प्रक्रिया का जानकारी देने के लिए शुक्रिया अदा भी किया। युवती ने चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया समझाई है।

– मैंने यात्री टिकट परीक्षक (टीटीई) से बात की, जिसने यात्री की जानकारियों की पुष्टि की। ट्रेन में टीटीई के पास एक पुलिस ऑफिसर से भी ज्यादा ताकत होती है।

– तत्काल मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना और आवाज उठाना जरूरी है। सहयात्रियों को बताइये कि आपके साथ छेड़छाड़ हुई है, क्योंकि वे महत्वपूर्ण गवाह होते हैं।

– सबसे पहले आप शांति से पूरी घटना को एक कागज पर नोट कीजिए। इससे न सिर्फ आपको बयान देने में मदद मिलेगी, बल्कि बाद में यह एक सबूत के तौर पर भी काम आएगा।

– हर रेलवे स्टेशन पर एक पुलिस थाना होता है। आपको शिकायत दर्ज कराए बिना नहीं जाना चाहिए। यदि वहां मौजूद अधिकारी एफआईआर दर्ज करने से मना करे तो 100 (पुलिस कंट्रोल रूम) या महिला हेल्पलाइन सर्विस पर संपर्क करें और जीरो एफआईआर दर्ज करवाएं। इसे जरूरी सबूत के तौर पर अपने साथ रखें।

– अपने दोस्तों और परिजनों को घटना के संदर्भ में पूरी जानकारी दें।

चुपचाप न सहें, कदम उठाएंः सार्वजनिक परिवहन साधनों से यात्रा के दौरान छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ज्यादातर मामलों में पीड़ित युवतियां और महिलाएं कानूनी प्रक्रियाओं की मदद से जूझने के बजाय चुपचाप सहन कर लेती हैं। ऐसे में इस युवती के ट्वीट से उन्हें प्रेरणा मिलेगी।

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