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Midnapore: डॉक्टरों की हड़ताल में हुआ बच्चे का जन्म, घरवालों ने नाम रख दिया ‘आंदोलन’

पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में एक नवजात का जन्म हुआ। डॉक्टरों की हड़ताल पर इस नवजात का नाम रखा गया है।

Author मेदिनीपुर | June 18, 2019 8:07 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में डॉक्टरों के साथ मारपीट का विरोध कर रहे डॉक्टरों के आंदोलन के बीच एक नवजात का जन्म हुआ। परिजनों ने उसका नाम ‘आंदोलन’ रख दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में सोमवार (10 जून) को एक नवजात का जन्म हुआ है। उसका जन्म तब हुआ, जब कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई थी और वे हड़ताल पर चले गए थे। बता दें कि इस आंदोलन को देखते हुए परिजनों ने नवजात का नाम ‘आंदोलन’ रख दिया। आंदोलन की मां के अनुसार, जन्म के बाद नवजात की तबियत खराब हो गई थी, लेकिन हड़ताल के बावजूद सीनियर डॉक्टरों ने उसका इलाज किया।

कैसे पड़ा नाम ‘आंदोलन’: बच्चे की मां रुपाली भुनियान के अंकल असित दोलोई ने बताया, ‘‘मैंने और मेरी बहन ने बच्चे का नाम ‘आंदोलन’ रखने का फैसला किया, क्योंकि उसका जन्म हड़ताल की शाम को हुआ था। उसने अपना पहला दिन अस्पताल में बिताया और उस वक्त जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे।’’ बच्चे के पिता राजू ने भी इस नाम पर खुशी जाहिर की है। राजू ने कहा कि जब मेरी पत्नी के चाचा व मां इस नाम का प्रस्ताव लेकर मेरे पास आए तो मैंने उसे तुरंत ही मान लिया। रुपाली पश्चिम मेदिनीपुर के केसपुर की रहने वाली हैं।

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डॉक्टरों की हड़ताल का कोई असर नहींः रुपाली ने बताया कि डॉक्टरों के हड़ताल से उनके नवजात के इलाज पर कोई असर नहीं पड़ा। उसने यह भी बताया कि जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से सिनियर डॉक्टरों ने उसके बच्चे का इलाज किया। रुपाली ने कहा, ‘ मैं ठीक हूं, मेरा बच्चा थोड़ा बीमार था, लेकिन चाईल्ड स्पेशलिस्ट्स की देख-रेख और इलाज से अब वह ठीक है, मुझे एक दिन बाद पता चला कि डॉक्टरों का हड़ताल चल रहा है। लेकिन इस हड़ताल से मेरे बच्चे पर कोई असर नहीं पड़ा। मेरे रिश्तेदारों ने बताया है कि कई अन्य मरीज इस हड़ताल से प्रभावित हुए हैं।’

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हड़ताल में सिनियर डॉक्टरों ने किया इलाजः डॉक्टरों के अनुसार रुपाली को सोमवार (10 जून) की शाम को MMCH में भर्ती कराया गया था। भर्ती के कुछ ही घंटों के बाद उसे सीजेरियन सेक्शन में ले जाया गया। वहां उसने एक लड़के को जन्म दिया। स्त्री रोग के स्पेशलिस्ट्स और MMCH के प्रोफेसर सब्यसाची रे ने बताया, ‘बेबी के जन्म के समय मैं उस वार्ड का इंचार्ज था।’ वहीं MMCH के प्रिंसिपल पंचानन कुंडू ने कहा कि जिस तरह आम दिनों में मां और उनके बच्चों का इलाज होता है उसी तरह उनका भी इलाज हुआ है।

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