ताज़ा खबर
 

भागलपुर के ईंट-भट्ठे में काम करने वाली महिला के खाते में मिले 90 लाख रुपए, दिल्ली में कोरोना पीड़ितों को ऊंचे दामों पर ऑक्सीजन देने वाले गिरोह ने कराए थे जमा

दिल्ली में अपने मरीज के लिए पचास हजार रुपए में आक्सीजन के एक गैस सिलिंडर खरीदने वाले ने पुलिस से इसकी शिकायत की थी। गिरफ्तार महिला ने बताया कि गिरोह का सरगना बेगूसराय का एक रेलवे ठेकेदार है।

दिल्ली पुलिस हिरासत में सरिता देवी। रविवार को अदालत में पेशी के लिए ले जाती दिल्ली पुलिस। इसी के बैंक खाते में 90 लाख रुपए जमा मिले है।

दिल्ली में आक्सीजन और रेमडेसिविर व दूसरी दवाओं की कालाबाजारी कर भागलपुर के घोघा ग़ांव निवासी सरिता देवी ने कथित रूप से बेहिसाब रकम जमा कर ली। उसके बैंक खाते में 90 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई है। शनिवार शाम दिल्ली की विशेष साइबर सेल पुलिस टीम ने घोघा ग़ांव से उसे गिरफ्तार कर भागलपुर की अदालत में पेश की। पुलिस उसे अपने साथ दिल्ली ले जाने की प्रक्रिया में जुटी है। कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच कराई गई है। भागलपुर की एसएसपी निताशा गुड़िया ने इसकी पुष्टि की है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली में अपने मरीज के लिए पचास हजार रुपए में आक्सीजन के एक गैस सिलिंडर खरीदने वाले एक रिश्तेदार ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। कई दूसरे मरीजों के परिजनों ने भी आक्सीजन व दवा के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है। इसी को आधार बना कर दिल्ली पुलिस के अधिकारी करणवीर के नेतृत्व में टीम यहां पहुंची है।

एसएसपी के मुताबिक गिरफ्तार सरिता ने इस मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाले बेगूसराय के किसी शख्स का नाम बताया है। उसे दिल्ली पुलिस ढूंढ रही है। भागलपुर पुलिस दिल्ली पुलिस का सहयोग कर रही है। सरिता ने बताया कि वह शख्स रेलवे में ठेकेदारी करता है या किसी ठेकेदार के यहां मुंशी का काम करता है। इसी ठेके कंपनी में सरिता का भाई भी मजदूरी करता है। इसी की वजह से वह संपर्क में आई। उस शख्स ने काम दिलवाने का भरोसा देकर बैंक में खाता मेरे नाम से खुलवाया था। पासबुक व एटीएम कार्ड वह खुद अपने पास रख लिया था।

मगर सरिता को यह पता था कि उसके बैंक खाते में बीते थोड़े दिनों में ही किश्तों में करीबन 90 लाख रुपए जमा हो गए है। इस दौरान रुपयों की निकासी भी हुई है। बताते है कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में महिला ने इस बात को भी स्वीकारा है कि बैंक अकाउंट के उपयोग के एवज में उस शख्स से खासी रकम देने का लालच दिया है। पुलिस ने उसके बैंक खाते की विवरणी निकाल ली है। और खाते में लेनदेन पर रोक लगवा दी है।

हालांकि पुलिस ने कालाबाजारी करने वाले बेगूसराय के सरगना के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्र बताते है कि उसका नाम रोशन सिंह है। मगर पुलिस को शक है कि इस काम में बड़ा गिरोह सक्रिय है। जो पूरे देश में आक्सीजन गैस सिलिंडरों, रेमडीसीविर इंजेक्शन व दूसरी दवाओं का कृत्रिम संकट पैदा कर काफी ऊंचे दाम पर बेचा। साथ ही बाजार में कमी दिखाई दवाओं को उपलब्ध कराने के नाम पर साइबर ठगी की है। यह किसी से छुपा नहीं है।

अलबत्ता गिरफ्तार सरिता तो एक छोटी कड़ी है। मगर इससे बड़े राज उगलने की दिल्ली पुलिस साइबर सेल टीम को उम्मीद है। बताते है कि इस शख्स ने दो दर्जन महिलाओं के नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए है। जिस पर दिल्ली पुलिस की नजर है। इनमें से कई खातों में भी लाखों रुपयों का लेनदेन हुआ है। सरिता की बहन के बैंक खाते में 44 लाख रुपए का लेनदेन है। दिलचस्प बात कि सरिता समेत सभी महिलाएं घोघा ग़ांव के ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करती हैं।

Next Stories
1 यूपीः दारू के ठेकों पर लगे पोस्टर, वैक्सिनेशन कराने वालों को ही मिलेगी शराब
2 कोरोनाः PPE किट पहने शख्स ने राप्ती नदी में अपने ही परिजन की फेंक दी लाश! सामने आया VIDEO तो विवाद, केस
3 कोरोनाः नहीं रहे भूतपूर्व कच्छ राज्य के महाराज; न है संतान, न किसी बनाया वारिस, खाली रहेगी शासक की गद्दी
ये पढ़ा क्या?
X