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77 साल की विधवा महिला ने लगाई बिंदी, अधिकारी ने शर्मिंदा कर पेंशन देने से कर दिया इनकार

तमिलनाडु में एक 77 वर्षीय विधवा महिला को बिंदी लगाने पर कथित तौर पर एक सरकारी अधिकारी के द्वारा अपमान का घूंट पीना पड़ा। बुजुर्ग महिला अपने बेटे और बहू के साथ अपने मृत पति की पेंशन लेने गई थी, लेकिन सरकारी अधिकारी ने उसका अपमान कर पेंशन देने से इनकार कर दिया।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

तमिलनाडु में एक 77 वर्षीय विधवा महिला को बिंदी लगाने पर कथित तौर पर एक सरकारी अधिकारी के द्वारा अपमान का घूंट पीना पड़ा। बुजुर्ग महिला अपने बेटे और बहू के साथ अपने मृत पति की पेंशन लेने गई थी, लेकिन सरकारी अधिकारी ने उसका अपमान कर पेंशन देने से इनकार कर दिया। अधिकारी की दलील थी कि एक विधवा बिंदी कैसे लगा सकती है। द न्यूज मिनट की खबर के मुताबिक मार्च में महिला के बुजुर्ग पति की मौत हो गई थी। विधवा उसके पति को मिलने वाली पेंशन का 70 फीसदी हिस्सा अब भी विभाग से ले सकती है। उसी की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए महिला अपने बेटे और बहू के साथ दफ्तर पहुंची थी जहां अधिकारी के दुव्यहार और काम न किए जाने से दुखी होकर उसे घर लौटना पड़ा। महिला की बहू ने मीडिया को बताया कि जब वे लोग दफ्तर पहुंचे तो संबंधित अधिकारी सो रहा था। उन्होंने अधिकारी को पेंशन फॉर्म आदि चीजें दीं तो उसने एक फोटो पर नजर गढ़ाकर कहा कि एक विधवा बिंदी कैसे लगा सकती हैं।

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विधवा की बहू ने बताया कि अधिकारी ने पेंशन देने से इनकार कर दिया। अधिकारी ने राशन कार्ड की कॉपी लाने के लिए कहा जबकि जरूरत के सभी दस्तावेज पहले से मौजूद थे। पीड़िता की बहू ने बताया कि अधिकारी ने बिंदी हटाकर चिता की राख माथे पर लगाने की बात कही और कहा कि एक विधवा को फूलों आदि से दूर रहना चाहिए। अधिकारी के इस बेतुके बर्ताव को देखते हुए विधवा महिला वहां से लौट गई और अगले दिन राशन कार्ड और अपनी नई फोटो लेकर दफ्तर में पहुंची तो वह अधिकारी गायब था।

विधवा की बहू ने जब बड़े अधिकारियों से अभद्र बर्ताव करने वाले अधिकारी की शिकायत की तो उन्होंने उसकी हिमायत लेते हुए कहा कि एडडस्ट करना पड़ेगा। विधवा के पति इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल विभाग में काम करते थे। जहां से उन्हें हर महीने पेंशन मिलती थी। लेकिन उनकी मौत के बाद संकट में घिरे परिवार की आर्थिक हालत भी खस्ता बताई जा रही है और इसीलिए विधवा अपने पति की पेंशन निकालने विभाग में गई थी।

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