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दिल दहलाने वाली आपबीती- सिगरेट को छुआ तक नहीं, फिर भी कैंसर ने आवाज ले ली

बेंगलुरु की 70 वर्षीय इस महिला की कहानी पढ़कर आपको सिगरेट के घुएं की भयावहता के बारे में यकीन हो जाएगा। नलिनी सत्यनारायणन ने सिगरेट को कभी छुआ तक नहीं, लेकिन उसके धुएं की वजह से इन्हें अपना स्वर यंत्र निकलवाना पड़ा।

नलिनी सत्यनारायणन। (फोटो सोर्स: Being You/Facebook)

सिनेमाघरों में अक्सर दिखाई देने वाले धूम्रपान और तंबाकू के विज्ञापन को आप शायद ही गंभीरता से लेते हों, जिसमें बताया जाता है कि धूम्रपान आपके आस पास मौजूद लोगों भी नुकसान पहुंचाता है। बेंगलुरु की 70 वर्षीय इस महिला की कहानी पढ़कर आपको सिगरेट के घुएं की भयावहता के बारे में यकीन हो जाएगा। नलिनी सत्यनारायणन ने सिगरेट को कभी छुआ तक नहीं, लेकिन उसके धुएं की वजह से इन्हें अपना स्वर यंत्र निकलवाना पड़ा। तंबाकू के धुएं ने इनकी आवाज छीन ली। नलिनी को इसके कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ना पड़ा। अब नलिनी कैंसर के खिलाफ लोगों को जागरुक करती हैं। नलिनी के पति सिगरेट पीते थे और 2009 में उनकी मृत्यु हो गई थी। पति के सिगरेट पीने के कारण नलिनी को अनचाहे सिगरेट के धुएं का सामना करना पड़ता था। इसके चलते उन्हें कैंसर हो गया।

नलिनी बताती हैं- ”2009 में मेरी आवाज कमजोर होने लगी और डॉक्टरों ने दवाएं लेने के लिए कहा। एक साल बाद हांफने की कारण मैं बोल भी नहीं पा रही थी। मेरे बच्चे में मुझे अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने कहा कि मेरे स्वर तंत्र में अल्सर है, लेकिन मुझे पता था कि वे मुझसे कुछ छिपा रहे थे।”

नलिनी को जब उनकी बीमारी के बारे में सही जानकारी लगी तो वह टूट गईं। वह बताती हैं- ”मैं टूट चुकी थी। मैंने कभी जिंदगी में सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया था, कभी इसके बारे में दिलो-दिमाग से सोचा भी नहीं, और फिर भी मुझे यह हो गया था। डॉक्टरों ने बताया कि मैं दूसरे व्यक्ति के सिगरेट पीने के कारण उठते धुएं से बीमारी की चपेट में आई, क्यों कि जब मेरे पति सिगरेट पीते थे तो मैं उनके पास बैठी होती थी। इससे पहले मैंने कभी इसके बारे में नहीं सुना था।”

आखिरकार डॉक्टरों को नलिनी का इलाज करते हुए उनका स्वर यंत्र और एक थायरॉयड ग्रंथि निकालनी पड़ी। नलिनी बताती हैं- ”डॉक्टरों ने मेरा स्वर यंत्र और थायरॉयड ग्रंथि निकालने के लिए मुझे काट दिया। मेरे गर्दन में एक छेद हो गया और मुझे एक खास ट्यूब के जरिये खाना दिया जाता था।”

इतना कुछ हो जाने के बाद भी नलिनी ने हार नहीं मानी, वह कम्प्यूटर सीखती हैं और कृत्रिम अंग के जरिये बोलना सीख रही हैं। वह गले के छेद से बांसुरी बजाने की कोशिश करती हैं। जल्द ही नलिनी को एक हैंड्सफ्री डिवाइस मिल जाएगी, जिसकी मदद से गले की छेद की परवाह किए बगैर वह बात कर पाएंगी। वह बताती हैं कि इसके लिए बहुत उत्साहित हैं। वह एक बच्चे की तरह हंस पड़ती हैं। नलिनी की स्टोरी फेसबुक पर वायरल हो रही है। खबर लिखे जाने तक कुछ ही घंटों में इसके 19574 शेयर हो चुके थे।

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