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70 हजार से अधिक लोग ले रहे फर्जी पेंशन? पंजाब में सामने आया 162 करोड़ का पेंशन घोटाला

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा के दायरे से 70,000 लाभार्थियों को बाहर किया गया है जो धोखे से वास्तविक लोगों के नाम पर फायदा उठा रहे थे। सिंह ने कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों से 162.35 करोड़ रुपए वसूलने का आदेश दिया है जिसका इस्तेमाल असली लाभार्थियों को वित्तीय सहायता देने के लिए किया जाएगा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (PTI)

पंजाब में कथित तौर पर करोड़ों रुपए का पेंशन घोटाला सामने आया है। हजारों की संख्या में लोग धोखे से वास्तविक लोगों के नाम पर ये फायदा उठा रहे थे। प्रदेश के मोगा जिला निवासी 65 वर्षीय गुरतेज कौर उन हजारों पीड़ितों में से एक हैं जिन्हें पात्रता होने के बाद भी महीनों से पेंशन नहीं मिली। गुरतेज जब अपनी 750 रुपए प्रतिमाह की पेंशन के लिए बैंक पहुंची तो बताया गया कि राशि खाते में अभी तक नहीं आई है। बीती मई से उन्हें पेंशन के नाम पर एक रुपए नहीं मिला।

उन्होंने बताया, ‘मुझे नहीं पता की पेंशन की राशि अभी तक मेरे खाते में क्यों नहीं आई है। मैं एक वरिष्ठ नागरिक हूं और परिवार में कोई कमाने वाला भी नहीं है। मैं कपड़ों की सिलाई करके अपने कुछ खर्च को पूरा करती हूं। सरकार को मेरी मासिक पेंशन जारी रखनी चाहिए।’ बता दें कि पंजाब में गुरतेज कौर जैसे बहुत से वरिष्ठ नागरिक हैं जिनकी पेंशन सामाजिक सुरक्षा विभाग ने एक बड़े घोटाले का पता चलने के बाद रोक दी। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 70,000 से अधिक लोग अवैध रूप से पेंशन का लाभ ले रहे थे जिसमें 162.35 करोड़ रुपए खर्च हुए।

हालाकि अवैध लाभार्थियों के नाम अब लिस्ट से हटा लिए गए हैं उनसे राशि की वसूली का आदेश दिया है। ऐसे में संभव है कि कौर और अन्य के खाते में राशि दोबारा भेजने में कई महीनों का समय लग सकता है। अधिकारियों का कहना है कि घोटाला 2015 का है, जब हजारों लोगों ने आयु नियम को दरकिनार करने के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का उपयोग कर वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र होने का दावा किया। प्रदेश में पेंशन लाभार्थियों के लिए महिला की आयु 58 वर्ष और पुरुषों की 65 वर्ष सुनिश्चित है।

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इधर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा के दायरे से 70,000 लाभार्थियों को बाहर किया गया है जो धोखे से वास्तविक लोगों के नाम पर फायदा उठा रहे थे। सिंह ने कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों से 162.35 करोड़ रुपए वसूलने का आदेश दिया है जिसका इस्तेमाल असली लाभार्थियों को वित्तीय सहायता देने के लिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल-भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार के समय धोखेबाजों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा था, लेकिन वास्तव में उनकी (सिंह) सरकार आने के बाद अयोग्य व्यक्तियों को सूची से बाहर किया गया और छह लाख असली लाभार्थियों को सूची में जोड़ा गया। सिंह ने कहा, ‘ऐसा तब होता है जब राजनीतिक दल स्वार्थी हो जाते हैं और अपने हित साधने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।’उन्होंने कहा कि केवल अयोग्य लोगों को लाभार्थियों की सूची से बाहर किया गया है।

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