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सर्वे: दिल्‍ली के 68 फीसदी लोगों ने कहा, पटाखों से रहेंगे दूर

राष्ट्रीय राजधानी में करीब 68 फीसदी लोगों का कहना है कि वे इस दिवाली पटाखे नहीं छोड़ेंगे।

Author नई दिल्ली | Published on: October 24, 2018 10:44 AM
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने से इनकार तो कर दिया लेकिन इसके लिए कई शर्ते लगाईं।

राष्ट्रीय राजधानी में करीब 68 फीसदी लोगों का कहना है कि वे इस दिवाली पटाखे नहीं छोड़ेंगे। एक सर्वेक्षण से यह जानकारी सामने आई है। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने से इनकार तो कर दिया लेकिन इसके लिए कई शर्ते लगाईं। इनमें से यह भी है कि कम प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे दिवाली के दिन रात आठ से दस बजे तक ही चलाए जा सकेंगे। सोशल मीडिया मंच लोकलसर्किल्स द्वारा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कराए गए सर्वे में 75 हजार लोगों ने भाग लिया।

लोकलसर्किल्स द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, “करीब 68 फीसदी नागरिकों ने कहा है कि वे पटाखे नहीं चलाएंगे ताकि प्रदूषण के स्तर को काबू में रखने को सुनिश्चित किया जा सके और शहर को एक गैस चेंबर में तब्दील होने से रोका जा सके। 2016 में पीएम2.5 का स्तर दिवाली पर दिल्ली के कुछ इलाकों में 1,238 तक पहुंच गया था, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों से करीब 50 गुना और राष्ट्रीय मानकों से 20 गुना अधिक था।

अक्टूबर 2017 में सर्वोच्च न्यायालय ने दिवाली के दौरान दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में पाया गया कि इसके बाद, दिल्ली में पिछली दिवाली पर 2016 की दिवाली के मुकाबले प्रदूषण का स्तर कम पाया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सभी धार्मिक त्योहारों के दौरान पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों का प्रयोग करने की इजाजत दी, जिससे कम उत्सर्जन हो और ध्वनि प्रदूषण का स्तर कम बना रहे।

बता दें कि बीते दिन ही सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति दी, जिनसे कम उत्सर्जन हो। अदालत का कहना है कि दिवाली के दिन रात आठ से रात 10 बजे तक ही पटाखे जला सकते हैं। जस्टिस ए.के. सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने हरित नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले पटाखों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया है, जो पूरे साल लागू रहेगा।

यह नियम नए साल के जश्न और शादी-समारोहों में भी लागू रहेगा। अदालत ने कहा कि प्रशासन ऐसे इलाकों की पहचान करेंगे जहां सामूहिक रूप से पटाखे जलाए जा सकें और यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को इस बारे में जानकारी हो। अदालत ने कहा कि पुलिस थाना प्रभारी इस आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करवाने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

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