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बिना पिन-ओटीपी के ही पेटीएम खाते से उड़ गए 65 हजार रुपए

एफआईआर के मुताबिक पेटीएम खाते में करीब 70-80 हजार रुपए थे। कुछ दिन पहले किसी को पेमेंट करते वक्‍त पता चला कि 65 हजार रुपए गायब हैं।
कारोबारी को करीब डेढ़ महीने बाद पेटीएम अकाउंट से पैसे गायब होने का अहसास हुआ।

राजस्‍थान के जोधपुर में पेटीएम से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक कारोबारी के पेटीएम खाते से 65 हजार रुपए गायब हो गए। वह भी बिना ओटीपी-पिन के। कारोबारी को करीब डेढ़ महीने बाद पैसे गायब होने का अहसास हुआ। तब एफआईआर कराई गई है। एफआईआर के मुताबिक पेटीएम खाते में करीब 70-80 हजार रुपए थे। कुछ दिन पहले किसी को पेमेंट करते वक्‍त पता चला कि 65 हजार रुपए गायब हैं। पासबुक डिटेल देखने पर पता चला कि 29 दिसंबर को दोपहर तीन बजे के बाद चार ट्रांजैक्‍शन हुए थे। दो ट्रांजैक्‍शन पांच-पांच हजार रुपए के थे और दो 25 व 30 हजार रुपए के। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बता दें कि ओटीपी-पिन पूछ कर ठगी के मामले अक्‍सर सामने आते रहते हैं। इसी महीने की शुरुआत में जबलपुर में मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट के एक वकील के साथ ऐसा हुआ था। उनके मोबाइल पर फोन कर किसी ने पेटीएम का अधिकारी बताते हुए ओटीपी नंबर पूछ लिया था। कुछ ही मिनट में उनके पेटीएम खाते से 24 हजार रुपए निकल गए। उन्‍होंने मामला समझते ही तुरंत एसपी से संपर्क साधा और तत्‍काल कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने उनका पैसा पेटीएम खाते में वापस डलवाया।

ऐसी जालसाजी से बचने का आसान तरीका है कि किसी को किसी भी हाल में पेटीएम खाते का पिन या ओटीपी या अन्‍य संवेदनशील जानकारी नहीं बतानी है। भले ही पूछने वाला व्‍यक्‍ति पेटीएम का अधिकारी होने का ही दावा क्‍यों न करे। कोई बैंक या आर्थिक लेनेदने से जुडी संस्‍था या ऐप ग्राहकों से ओटीपी की जानकारी नहीं मांगता। ओटीपी का इस्‍तेमाल पूरी तरह निजी और गोपनीय है। इसे जालसाजी रोकने के लिए ही बनाया गया है।

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