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62 पूरे, काम करें या सेवानिवृत्ति?

डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल करने के केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

Author नई दिल्ली | June 24, 2016 01:55 am
CM केजरीवाल

डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल करने के केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में नियुक्त डॉक्टरों की परेशानी बढ़ी हुई है। इसके पहले गैर शैक्षणिक पदों के डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 62 साल थी।

केंद्र सरकार ने डॉक्टरों की भारी कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ा दी और इस फैसले को 31 मई से लागू करने की दिशा में न केवल अधिसूचना जारी कर दी है बल्कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से इसे मंजूरी भी मिल गई है। आदेश का गजट नोटीफिकेशन भी जारी हो गया है। रेलवे सहित तमाम विभागों के डॉक्टरो पर यह आदेश लागू कर दिया गया है। लेकिन दिल्ली सरकार ने राजनीतिक उठापटक के बीच इस फैसले पर अभी तक अमल नहीं किया है। जबकि दिल्ली स्वास्थ्य सेवा निदेशालय से इस आशय का सर्कुलर जारी किया जाना था।

दिल्ली सरकार के अस्पतालों में काम कर रहे कुल डॉक्टरों में करीब 756 केंद्रीय लोक सेवा आयोग के जरिए 2012 में केंद्र से दिल्ली सरकार में भेजे गए थे। इनमें से तमाम डॉक्टरों को तनख्वाह तक नहीं मिली है। सबसे ज्यादा मुश्किल उन्हें हो रही है जिनकी हाल में सेवानिवृत्ति होनी थी या होनी है। लेकिन केंद्र सरकार के ताजा आदेश व अधिसूचना से उन्हें आगे अभी और काम करना है। लेकिन ये डॉक्टर असमंजस में हैं कि वे किस तरह काम करें।

दिल्ली सरकार ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया है। डॉक्टरों की सुनने वाला कोई नहीं है, न ही उनके दफ्तर के कामकाज सही से हो पा रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा है कि वे किस आधार पर काम करें। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि जब उन सभी को दिल्ली मे नियुक्त किया गया था तो लिखित सेवाशर्तों में कहा गया था कि वे काम तो दिल्ली सरकार के अधीन चल रहे अस्पतालों व स्वास्थ्य सेवा विभाग में करेंगे, लेकिन उनकी सभी सेवा शर्तें केंद्र सरकार जैसी ही होंगी। लेकिन अब आगे क्या होगा इस पर चुप्पी है।

कुछ डॉक्टर सोमवार को दिल्ली सरकार के सचिव के साथ मुलाकात कर अपनी परेशानी रखने वाले थे। लेकिन दिल्ली के तमाम अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों सहित स्वाथ्य सेवा के करीब 35 डॉक्टरों व अफसरों का दल गुजरात दौरे पर है। बताया गया कि यह दल प्रबंधन का गुर सीखने गया है। डॉक्टरों को पता नहीं चल पा रहा है कि वे कहां जाए, किससे गुहार लगाएं। जिनकी सेवानिवृत्ति होनी थी उनमें से तमाम डॉक्टरों के आगे का वेतन बनेगा कि नहीं, एचआर विभाग यह तय करने की हालत में नहीं है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तमाम डॉक्टर अपने वेतन व उपस्थिति के बाबत जानकारी लेने के लिए आते हैं, लेकिन वे अभी कुछ भी बता पाने मे असमर्थ हैं। जबकि स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि मानव संसाधन की कमी के कारण यह देरी हो रही है।

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