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Jaipur : चलती बस के फ्लोर में हुआ छेद, सड़क पर गिरा 6 साल का बच्चा, पहिए से कुचलकर मौत

जयपुर में 6 साल का बच्चा दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि वह जिस बस से स्कूल जा रहा था, उसके फ्लोर में अचानक छेद हो गया।

प्रतीकात्मक फोटो सोर्सः इंडियन एक्सप्रेस

जयपुर से 160 किलोमीटर दूर करौली जिले में शुक्रवार को एक 6 साल का बच्चा दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि वह जिस बस से स्कूल जा रहा था, उसके फ्लोर में अचानक छेद हो गया। इससे बच्चा सड़क पर जा गिरा और पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ऐसे हुआ हादसा : गुडला निवासी यश गुर्जर (6 वर्ष) कृष्णा चिल्ड्रन अकैडमी का स्टूडेंट था। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह स्कूल बस से स्कूल जा रहा था। वह अपनी सीट पर बैठा हुआ था और अचानक सड़क पर जा गिरा। इस दौरान वह उसी बस के पहिए के नीचे आ गया, जिसमें वह जा रहा था।

भाई ने दी जानकारी : यश के भाई संदीप (10 वर्ष) ने बताया कि मैंने ड्राइवर को अपने भाई के सड़क पर गिरने की जानकारी दी। इसके बाद भी उसने बस नहीं रोकी और सीधे स्कूल चला गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस में तकनीकी खराबी थी। वहीं, जिस सीट के पास यश बैठा था, वहां फ्लोर में गैप था। जैसे ही ड्राइवर ने ब्रेक लगाया, यश उस छेद से नीचे गिर गया और बस के नीचे आकर कुचल गया।

पहले समझौता, फिर दर्ज हुआ केस : डीएसपी संपत सिंह ने बताया कि हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर ने बस स्कूल में खड़ी कर दी और फरार हो गया। उसकी पहचान कर ली गई है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने यश के परिवार के साथ समझौता करके मामले को निपटा दिया, जिसके बाद बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, इलाके के कुछ लोगों ने हस्तक्षेप किया तो आईपीसी की धारा 279 और 304A के तहत ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

बस का फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं था : जयपुर के जिला परिवहन अधिकारी गिरीश अग्रवाल ने बताया कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट अक्टूबर 2017 में ही एक्सपायर हो गया था और तब से रिन्यू नहीं हुआ था। फिलहाल बस को जब्त कर लिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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जिला कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश : करौली के जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने बताया कि मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन अधिकारियों को बिना फिटनेस प्रमाण पत्र सड़कों पर चल रही गाड़ियों की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

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