Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के बाईपास पुलिस स्टेशन इलाके में कोयली खुथा गांव में सड़क पर जमा बाढ़ के गहरे पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वहां पानी जमा हो गया था। इस दुखद घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है।
एक अधिकारी के मुताबिक, पीड़ित अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तभी एक व्यक्ति सड़क पर जमा गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उस व्यक्ति को बचाने की कोशिश में कई और लोग पानी में उतरे, लेकिन इस दौरान पांच लोगों की डूबने से मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने पीड़ितों को पानी से बाहर निकाला और उन्हें जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन पांचों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मंचोन देवी, सोनाक्षी कुमारी, प्रिंस कुमार, अभिषेक कुमार और अंशु प्रिया के तौर पर हुई है।
एक ही परिवार के चार लोग मृतकों में शामिल
पीड़ितों में से चार लोग एक ही परिवार के थे, जबकि पांचवां व्यक्ति उनका पड़ोसी था। स्टेशन हाउस ऑफिसर, स्थानीय पंचायत मुखिया और निवासी भी मायागंज अस्पताल पहुंचे। एक पड़ोसी राजेश कुमार ने कहा, “कुल मिलाकर पांच लोगों की मौत हुई है। घटना यह हुई है कि ये लोग सड़क के किनारे एक खेत देखने के लिए गए हुए थे, वहां पर रोड के किनारे खाई है और बच्चे गए हुए थे, एक बच्चा डूबने लगा तो उसको बचाने के लिए पांचों डूब गए। किसी को भी तैरना नहीं आता था, एक ही परिवार के चार लोग थे, यहां पर करीब छह या सात दिन से पानी है।”
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भागलपुर गंभीर बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनएच-80 के ज्यादातर हिस्सों में दोनों तरफ 10 फीट से ज्यादा गहरा पानी बह रहा है। हजारों लोगों को अपने परिवारों, सामान और मवेशियों के साथ सड़कों के किनारे शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
बाढ़ ने बिहार के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 14 जिले पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल फिलहाल प्रभावित हैं। बाढ़ से 85 ब्लॉकों की 527 ग्राम पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
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बिहार हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका का सामना करता है। इसका मतलब यह होता है कि इसकी प्रकृति को समझ कर इससे बचाव के इंतजाम किए जा सकते हैं। मगर इतने वर्षों से अमूमन हर वर्ष बाढ़ की तबाही के बावजूद राज्य को इस प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए कभी ठोस उपाय नहीं किए गए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
