आगरा में करीब 40 साल पहले सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए 60 वर्षीय व्यक्ति पर नौकरी में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जांच में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और रिटायरमेंट लाभ के भुगतान में भी अनियमितताएं पाए जाने के बाद शिक्षक समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। खास बात यह है कि शिक्षक को नौकरी से जुड़े रिटायरमेंट लाभ भी मिल चुके थे

खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत के अनुसार, टोरा स्थित कविरत्न श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज के प्रबंधक अनिल कुमार शर्मा ने सहायक शिक्षक दिनेश चंद्र की नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

भाई की मदद से नौकरी पाने का आरोप

जांच में सामने आया कि दिनेश चंद्र की नियुक्ति वर्ष 1985-86 के आसपास हुई थी। आरोप है कि इस नियुक्ति में उनके भाई महेंद्र सिंह लवानिया ने मदद की थी। उस समय लवानिया कॉलेज के प्रधानाचार्य होने के साथ-साथ चयन समिति के सदस्य भी थे।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर किया गया था। संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी की मां का नाम इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई। इसके अलावा सरकारी रिकॉर्ड में दोनों भाइयों के पते भी एक ही पाए गए।

शिक्षक समेत तीन लोगों पर FIR

जांच के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत की शिकायत पर दिनेश चंद्र, उनके भाई महेंद्र सिंह लवानिया और स्कूल के पूर्व प्रबंधक नवीन पाराशर के खिलाफ आगरा के एकता थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

सीनियर सब इंस्पेक्टर प्रदीप कौशिक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि नौकरी हासिल करने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

2021 में रिटायरमेंट लाभ लेने पर भी सवाल

जांच के दौरान दिनेश चंद्र को वर्ष 2021 में दिए गए रिटायरमेंट लाभ में भी अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, चंद्र ने निर्धारित रिटायरमेंट से करीब दो साल पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी।

आरोप है कि स्कूल के पूर्व प्रबंधक नवीन पाराशर ने उनके रिटायरमेंट लाभ के भुगतान को मंजूरी दी, जबकि उस समय उनके पास प्रबंधक के रूप में ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, मैनेजमेंट कमेटी का कार्यकाल 2019 में समाप्त हो चुका था और वर्ष 2021 में अनिल कुमार शर्मा मान्यता प्राप्त प्रबंधक थे।

अधिकारियों का आरोप है कि वर्ष 2020 में रिटायर हो चुके महेंद्र सिंह लवानिया ने रिटायरमेंट लाभ जारी कराने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई और रिकॉर्ड में नवीन पाराशर को स्कूल का प्रबंधक दिखाया गया।

वेतन और रिटायरमेंट लाभ की होगी वसूली

आगरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कई जांचों में दिनेश चंद्र की नियुक्ति में अनियमितताएं सामने आने के बाद मामला दर्ज कराया गया है।

उन्होंने कहा कि नियुक्ति को अमान्य पाए जाने के बाद विभाग दिनेश चंद्र को दिए गए वेतन और रिटायरमेंट लाभ की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू करेगा।

यह स्कूल जूनियर हाईस्कूल स्तर तक सरकारी सहायता प्राप्त संस्था है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई गैर-सहायता प्राप्त आधार पर संचालित होती है। मामले में पुलिस अब नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और रिटायरमेंट लाभ के भुगतान की प्रक्रिया की जांच कर रही है।

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